मोदीराज में अंबानी भी दिवालिया

0

इन दिनों देश आर्थिक मंदी की मार झेल रहा है और आम आदमी महंगाई से बेहाल है। इस मंदी में आम आदमी की बात तो छोड़ो बड़े बड़े धन्नासेठों के भी कंगाली के दिन आ गए है। जी हां जानकारी के अनुसार व्यापार जगत में मशहूर अनिल अंबानी दिवालिया हो सकते है। आपको बता दे की रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (Reliance Naval & Engineering Limited) 2009 में शेयर बाजार में आई थी। 9 सितंबर को कंपनी के शेयरों का कीमत 95 पैसे थी, ये शेयरों का सबसे कम दाम था। उसके बाद अब शेयरों का भाव 7.31 रुपए हो गया है। दरअसल हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications) की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए गए. जुलाई-सितंबर की तिमाही में कंपनी को 30,142 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जो कॉरपोरेट इतिहास में वोडाफोन-आइडिया(Vodafone-idea) के बाद दूसरा सबसे बड़ा घाटा था. इसके बाद कंपनी ने बयान जारी कर इस्तीफे की बात कही थी.बता दें कि दिवाला प्रक्रिया में चल रही कंपनी ने इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,141 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था.

उद्धव ठाकरे कल लेंगे सीएम पद की शपथ

जानकरी के अनुसार अनिल अंबानी (Anil Ambani) समूह की कंपनी रिलायंस नेवल के शेयरों में सितंबर के बाद अभी तक 600 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। यह कंपनी पूरे समूह के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है, क्योंकि कंपनी को केंद्र सरकार से जल्द ही कई रक्षा कांट्रैक्ट मिलने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार जल्द ही अरबों रुपये के करार कई कंपनियों से करने वाली है। हालांकि समूह की खस्ता आर्थिक हालत को देखते हुए ऐसा नहीं भी हो सकता है।

महाराष्ट्र के सीएम पद से देवेंद्र फडणवीस का इस्तीफा

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस नेवल के फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कंपनी कई मुश्किलों से गुजर रही है। रिलायंस नेवल के शेयर में तेजी की वजह जो भी हो लेकिन, यह अनिल अंबानी के लिए अहम है। रिलायंस नेवल चाहेगी कि उसे सरकार से डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट हासिल हो सकें। राष्ट्रीय कंपनी कानून व दिवालिया प्राधिकरण रिलायंस नेवल के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि बैंकों ने कंपनी के कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग से इनकार कर दिया है।

 

चंद्रयान-2 के बाद कल फिर इतिहास रचने जा रहा ISRO

-Mradul tripathi

Share.