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खुदाई में निकले प्राचीन शिवलिंग तो ग्रामीणों ने शुरू की पूजा

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वैसे तो भारत में खुदाई के दौरान प्राचीन काल के कई अवशेष निकलते है लेकिन उत्तराखंड के चकराता ब्लॉक के सुदूरवर्ती लाखामंडल के धौरा बैंड के पास खुदाई के दौरान प्राचीन शिवलिंग और पत्थर की लघु शिलाएं निकली। दरअसल यहां सड़क निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई कार्य किया जा रहा है। खुदाई के दौरान ग्रामीणों को शिवलिंग और पत्थर की लघु शिलाएं मिलीं। इन प्रचीन लघु शिलाओं और शिवलिंग को ग्रामीणों ने पास के ही एक खेत में रख दिया। जब खुदाई का कार्य किया जा रहा था तब मौके पर कई ग्रामीण मौजूद थे। जब खुदाई में शिवलिंग और लघु शिलाएं निकलीं तो ग्रामीणों ने वहीं पूजा-अर्चना शुरू कर दी। इतना नहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि वहीं देवी माता-मंदिर के पास कई और शिवलिंग हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने इस बात की सूचना देहरादून के सूचना प्रशासन व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को दे दी है। फिलहाल मौके पर अभी तक कोई भी टीम नहीं पहुंची है। ग्रामीणों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना शुरू कर दी। खुदाई से शिवलिंग निकलने की बात आग की तरह आस-पास के इलाकों में फ़ैल गई। इस बात की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और शिवलिंग के दर्शन कर पूजा-अर्चना करने लगे।

गौरतलब है कि जौनसार-बावर के लाखामंडल में बेहद प्राचीन पांडवकालीन समय का एक बेहद भव्य शिव मंदिर है। लाखामंडल का यह प्राचीन शिव मंदिर नागर शैली में बना हुआ है। इस पांडवकालीन समय के भव्य शिव मंदिर को देखने और भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं। बता दें कि कुछ सालों पहले यहां खुदाई के दौरान दर्जनों शिवलिंग और कई देवी-देवताओं की अत्यंत ही प्राचीन मूर्तियां मिली थीं। इन सभी मूर्तियों को लाखामंडल के एएसआइ के संग्रहालय में रखवाया गया है। वहीं लाखामंडल के अत्यंत प्राचीन मंदिर को केंद्र सरकार ने केंद्रीय संरक्षित धरोहर स्मारक घोषित कर दिया है।

Prabhat jain

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