website counter widget

आरोपियों को सज़ा देने वाले पर ही यौन शोषण का आरोप

0

अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर लगाए गए आरोप के बाद देश में #मीटू अभियान की बाढ़ सी आ गई थी| कई महिलाओं और युवतियों ने बड़ी हस्तियों पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे| इस कैम्पेन के तहत कई ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए, जिनके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था| #मीटू का ज्वार तो थम गया है, परन्तु अब एक महिला ने ऐसे व्यक्ति पर यौन शोषण का आरोप (Sexual Harassment Allegations on Chief Justice Ranjan Gogoi) लगाया है कि आपको सहसा अपने कानों पर विश्वास नहीं होगा|

एनडी तिवारी के बेटे रोहित की हत्या, पोस्टमॉर्टम में हुआ खुलासा

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई (Sexual Harassment Allegations on Chief Justice Ranjan Gogoi) पर उनकी पूर्व जूनियर असिस्टेंट ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं| आरोप लगाने वाली महिला ने एक चिट्ठी सुप्रीम कोर्ट के सभी 22 जजों को भेजी है, जिसमें जस्टिस गोगोई पर यौन उत्पीड़न करने, इसके लिए राज़ी न होने पर नौकरी से हटाने और बाद में उन्हें और उनके परिवार को तरह-तरह से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं|

कुछ वेबसाइट्स में प्रकाशित इस ख़बर के बाद सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को तीन जजों की बेंच बैठी| चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस संजीव खन्ना की तीन जजों की बेंच ने अवकाश के दिन मामले पर गौर किया|

कप्तान को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना ज़रूरी

यौन उत्पीड़न के आरोप (Sexual Harassment Allegations on Chief Justice Ranjan Gogoi) पर चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई का कहना है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता बहुत गंभीर ख़तरे में हैं और यह न्यायपालिका को अस्थिर करने की एक ‘बड़ी साजिश’ है| उनका कहना है कि यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला के पीछे कुछ बड़ी ताक़तें हैं| वे कहते हैं कि यदि न्यायाधीशों को इस तरह की स्थिति में काम करना पड़ेगा तो अच्छे लोग कभी इस ऑफ़िस में नहीं आएंगे| चीफ़ जस्टिस ने चार वेबसाइटों का नाम लिया- स्क्रॉल, लीफ़लेट, वायर और कारवां, जिन्होंने आपराधिक इतिहास वाली इस महिला के असत्यापित आरोपों को प्रकाशित किया और कहा कि इनके तार आपस में जुड़े हैं|

चीफ़ जस्टिस ने कहा, “जिस महिला ने कथित तौर पर उन पर आरोप लगाए हैं, वे आपराधिक रिकॉर्ड की वजह से चार दिनों के लिए जेल में थीं और कई बार उन्हें अच्छा बर्ताव करने को लेकर पुलिस से हिदायत भी दी गई थी|”शीर्ष अदालत में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शनिवार को कहा, “यह एक ‘गंभीर और बेहद ज़रूरी सार्वजनिक महत्व का मामला है, इसलिए इसे सुना जाना चाहिए|”वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने सोशल मीडिया पर लिखा, “एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं| जैसा कि मैंने प्रेस में छपी ख़बरों में पढ़ा है, उन्होंने अपनी शिकायत सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा दी है| स्वाभाविक रूप से इन आरोपों को सत्यापित किया जाना बाकी है|”

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की अपील

उन्होंने लिखा, “शिष्टता की मांग थी कि भविष्य में कार्रवाई के निर्धारण के लिए पहले अवर न्यायाधीशों की एक बेंच गठित की जाती| अप्रत्याशित सुनवाई में साजिश की बात करके आपने वास्तव में इस शिकायत को बंद कर उस संस्था की स्वतंत्रता से समझौता किया है, जिसके प्रमुख स्वयं आप हैं|”चीफ़ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने इस आरोप पर कोई आदेश पारित नहीं किया और मीडिया से न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संयम बरतने के लिए कहा|

रहें हर खबर से अपडेट, ‘टैलेंटेड इंडिया’ के साथ| आपको यहां मिलेंगी सभी विषयों की खबरें, सबसे पहले| अपने मोबाइल पर खबरें पाने के लिए आज ही डाउनलोड करें Download Hindi News App और रहें अपडेट| ‘टैलेंटेड इंडिया’ की ख़बरों को फेसबुक पर पाने के लिए पेज लाइक करें – Talented India News

Summary
Review Date
Author Rating
51star1star1star1star1star
ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.