चुनावी हार के बाद सीएम नायडू का साथ छोड़ रहे उनके सांसद

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आंध्रप्रदेश (Andhra Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री और तेदेपा अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu)  ने लोकसभा चुनाव के परिणाम ( Lok Sabha Election Results 2019 ) आने के बाद NDA से दूरिया बना ली। इसके बाद से उनकी मुश्किलें और बढ़ते ही जा रही है। अब पूर्व सीएम नायडू (Naidu) का उनके ही सांसद साथ भी छोड़ रहे हैं। चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलगु देशम पार्टी (Telugu Desam Party) के चार राज्यसभा सदस्य इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ सकते हैं। टीडीपी से राज्यसभा सदस्य सीएम रमेश, टीजी वेंटकेश, जी मोहन राव और वाईएस चौधरी अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति को भेज सकते हैं।

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किस पार्टी में शामिल होने नायडू के सांसद

अभी तक इस बारे में घोषणा नहीं की गई है कि पूर्व सीएम नायडू (N. Chandrababu Naidu)  के विधायक किस पार्टी में शामिल होंगे। जहाँ आज सांसदों के पार्टी छोड़ने के कारण सीएम नायडू की परेशानी बढ़ी हुई है। वहीँ इसके पहले वे अपने बंगले के कारण परेशानियों से घिरे थे। वाइएसआर कांग्रेस के विधायक अल्ला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा था कि नायडू को नदी किनारे वाला बंगला छोड़ना होगा। प्रदेश की नई सरकार बदले की राजनीति कर रही है। यह मामला कोर्ट में लंबित है।

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अल्ला रामकृष्ण रेड्डी ने इस बारे में आगे कहा कि तेदेपा प्रमुख को बंगला खाली करना होगा, क्योंकि वह नदी की जमीन पर बना हुआ है। वाइएसआर कांग्रेस विधायक की यह टिप्पणी चंद्रबाबू द्वारा सरकार को लिखे गए उस पत्र के क्रम में आई है, जिसमें उन्होंने कृष्णा नदी के किनारे स्थित बंगला ‘प्रजा वेदिका’ का इस्तेमाल पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक आदि के लिए करने की अनुमति मांगी थी। इस बंगले में नायडू वर्ष 2016 से रह रहे हैं, जिसे लेकर अब हंगामा किया जा रहा है।

लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न दिये जाने की वजह से सरकार से रिश्ता तोड़ा था।  हालांकि, शुरू में पीएम मोदी ने चंद्रबाबू नायडू से दस मिनट की बातीचत में उन्हें समझाने की कोशिश की थी और टीडीपी के फैसले को वापस लेने के लिए कहा था, लेकिन इससे भी कोई फायदा नहीं हुआ था।

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