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राम मंदिर के लिए मुस्लिम कारीगर बना रहे 2100 किलो का घंटा

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Of India) ने 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राम जन्म भूमि विवाद मामला (Ayodhya Dispute Case) समाप्त कर दिया। (Muslim Craftsman Built 2100 Kg Bell)इस फैसले के बाद से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य बेहद तेज गति से किया जा रहा है। वहीं जनपद एटा (Etah) की पीतल नगरी के नाम से जाने वाली तहसील जलेसर (Jalesar) को राम मंदिर में लगने वाले घंटे का कार्य सौंपा गया है। राम मंदिर में 2100 किलो वजनी घंटा लगाया जाएगा। इस 2100 किलो वजनी घंटे का निर्माण जलेसर (Jalesar) में किया जा रहा है और इसे मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है।

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गौरतलब है कि राम मंदिर में लगने वाले इस 2100 किलो वजनी घंटे का आर्डर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Of India) के फैसले के पहले ही दे दिया गया था। इस पीतल के घंटे का वजन 2100 किलो है। इसकी ऊंचाई 6 फुट और चौड़ाई 5 फुट है। इस पीतल के घंटे का निर्माण करने वाले कारखाने के मालिक ने जानकारी देते हुए बताया कि इसे बनाने में मुस्लिम समुदाय के इकबाल मदद कर रहे हैं। वहीं इस घंटे की डिजाइनिंग और घिसाई का कार्य मुस्लिम समाज द्वारा किया जा रहा है। इस घंटे को बनाने में तकरीबन 10 से 12 लाख रुपए की लागत लगी है।

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वहीं जलेसर नगरपालिका के चेयरमैन विकास मित्तल ने कहा कि अब इस निर्माण कार्य को तेज कर दिया गया है। इसके अलावा और भी कई घंटे बनाने का कार्य कारखाने को मिला है। एक साथ कई आर्डर मिलने और जल्द से जल्द कार्य को पूरा करने के लिए कारखाने में कारीगरों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि अयोध्या में लगने वाले इस विशाल घंटे पर एटा (Etah) और जलेसर (Jalesar) का नाम अंकित किया जाएगा। जिससे अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन करने वालों को यह भी पता चल सके कि यह घंटा एटा में बनाया गया है।

Prabhat Jain

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