संविधान बचाओ रैली में मासूम ने PM के खिलाफ लगाए आपत्तिजनक नारे

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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) (Communist Party of India) नेता और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar)  बिहार में नागरिकता संशोधन कानून (CAA), NPR और NRC को लेकर अपनी “जन-गण-मन यात्रा” कर रहे थे। कन्हैया (Kanhaiya Kumar election)  की इस यात्रा (Objectionable Slogans Against PM Modi) का समापन कल यानी गुरुवार 27 फ़रवरी को बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान  में हुआ। इस यात्रा के समापन पर कन्हैया ने कल एक महारैली ‘संविधान बचाओ, नागरिकता बचाओ’ का आयोजन किया था। कन्हैया की इस महारैली में तमाम सामाजिक हस्तियां शामिल हुईं थी जिनके बीच कन्हैया ने मंच पर अपना भाषण दिया। कन्हैया ने अपने भाषण में भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जमकर निशाना साधा। इतना ही नहीं कन्हैया ने अपने मंच पर तमाम सामाजिक हस्तियों को भी भाषण के लिए आमंत्रित किया। सभी ने मोदी सरकार पर तीखे प्रहार किए। आखिर में कन्हैया ने अपने तुरुप के इक्के को मंच पर उतारा। उनका यह तुरुप का इक्का कोई और नहीं बल्कि एक 10 साल का मासूम (10 year old kid) बच्चा था जिसने अपने भाषण में पीएम मोदी के खिलाफ  (Against PM Modi) आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इतना ही नहीं उसने कन्हैया के आजादी वाले नारे भी लगाए।

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कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) की इस महारैली में जब 10 साल का यह बच्चा पीएम (Objectionable Slogans Against PM Modi) के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहा था तब उसे किसी भी सामाजिक हस्ती ने रोकने की कोशिश नहीं की। उसके इस भाषण पर रैली में शामिल लोग जमकर ताली पीटते रहे लेकिन कन्हैया (Kanhaiya Kumar JNU) ने उसे रोकने का जरा भी प्रयास नहीं किया बल्कि बाद में उस बच्चे की पीठ थपथपाई और उसे गोद में उठा कर जनता का अभिवादन किया। इस बच्चे ने मंच पर संविधान बचाओ नारे लगाए साथ ही कन्हैया के आजादी के नारे भी लगाए। इसके अलावा आजादी के नारे लगाते हुए इस बच्चे ने मंच से कई बातें कहीं। मंच से इस बच्चे ने ये भी कहा कि यदि ताजमहल और लालकिला ना होता तो क्या पीएम मोदी अमरीकी राष्ट्रपति (U.S. President Donald Trump) को गाय और गोबर दिखाते? (Trump Visit India) मंच पर खड़ा यह बच्चा ज़हर उगलता रहा लेकिन मंच पर मौजूद किसी भी शख्स ने उसे ऐसा करने से नहीं रोका बल्कि उसकी तारीफ की।

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इस मासूम (Objectionable Slogans Against PM Modi) के मंच से जाने के बाद खुद कन्हैया ने मंच संभाला और सीएए-एनआरसी (CAA Protest) और दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को जमकर घेरा। कन्हैया ने अपने भाषण में भारतीय जनता पार्टी पर मुसलमानों के खिलाफ हिंदुओं को भड़काने का आरोप लगाया। वहीं बिहार विधानसभा में NPR और NRC के खिलाफ जो प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ है उस पर भी कन्हैया कुमार ने अपनी नाराजगी जताई। अपने भाषण में कन्हैया कुमार ने कहा, “सरकार और विपक्ष दोनों खुद को बधाई देने में व्यस्त हैं। मैं अपनी बधाई भी देता हूं। लेकिन उन सभी के लिए जो यहां मौजूद हैं, मैं कहूंगा कि यह आधी जीत है। जब तक एनपीआर की कवायद वापस नहीं ले ली जाती,हम गांधी के सविनय अवज्ञा से सबक हासिल कर अपने आंदोलन को विफल नहीं होने देंगे।” कन्हैया के अलावा जितने भी वक्ता इस रैली में शामिल थे सभी ने अपने भाषणों में संविधान बचाने के नाम पर पीएम मोदी (PM Modi) पर निशाना साधा और उनकी कड़ी आलोचना की। सभी के भाषण सुनने के बाद यह स्पष्ट होता है कि कन्हैया की इस संविधान बचाओ रैली का मूल उद्देश्य केवल मोदी विरोध ही है और इसके लिए ही वे मशहूर हैं। बिहार में इसी साल चुनाव होने वाले हैं और कन्हैया अभी से माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कन्हैया ने इस कोशिश में उन मर्यादों को भी पार कर दिया जो पीएम के खिलाफ किसी शब्द को बोलने के लिए ध्यान रखी जाना बेहद जरूरी है।

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Prabhat Jain

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