मुनव्वर राणा की बेटी ने कहा, किसी भी हालत में कानून लागू नहीं होने देंगे

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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) कानून के खिलाफ देश में जो विरोध चल रहा था वह कोरोना के चलते हैं थोड़ा ठंडा जरूर पड़ा है लेकिन आज भी देश में इन दोनों कानूनों के खिलाफ विरोध जारी है. पश्चिम बंगाल से शुरू हुई इस जंग में देश के मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी ने भी अपने विचार जाहिर किए हैं. मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने कहा है कि सीएए और एनआरसी को किसी हाल में लागू नहीं होने देंगे.

सुमैया ने कहा है कि कोरोना वायरस की महामारी के कारण ही आंदोलन स्थगित किया गया था. सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन और तेज करेंगे. उन्होंने कहा है कि बीजेपी के कद्दावर नेताओं की ओर से जो बयान आ रहा है कि कोरोना खत्म हो गया है और सीएए और एनआरसी अब लागू होगा. मैं भी उनकी जानकारी के लिए बता दूं कि ऐसा कुछ भी नहीं होगा.
सुमैया ने कहा कि अगर उन्होंने सीएए और एनआरसी इसलिए नहीं लागू किया था, क्योंकि कोरोना था तो हमारा आंदोलन भी इसीलिए ही रूक गया था. हमें देश और जनता के हित के लिए आंदोलन वापस ले लिया था, जब तक महामारी का प्रकोप चल रहा है. उन्होंने कहा कि साफ तौर पर यह क्लियर करना चाहती हूं कि सीएए, एनआरसी इस मुल्क के लिए नहीं बना है. सुमैया ने कहा कि सीएए और एनआरसी को किसी भी हाल में लागू नहीं होने देंगे.

उन्होंने कहा कि हमने शासन और प्रशासन को लिखकर इसीलिए अपना आंदोलन वापस किया था कि जैसे ही महामारी का प्रकोप खत्म होगा, हम अधिक तेजी से आंदोलन करेंगे. मुनव्वर राणा की बेटी ने जिस तरीके से इन लोगों ने कोरोना काल में लोगों ने जनता को परेशान किया. अब तो इस बात से साफ है कि और भी लोग इस आंदोलन से जुड़ेंगे. जो लोग पहले सोच रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी हमारे उत्थान के लिए सोच रही थी, अब उनके चेहरे से नकाब और आंखों पर से पर्दा हट गया है. वह समझ गए हैं कि इस पार्टी के पास हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के अलावा कुछ भी नहीं है.

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