छोटा शकील का बेटा चला अध्यात्म की राह

0

बाबू मियां शकील अहमद शेख (छोटा शकील) का 18 वर्षीय बेटा मुबशीर शेख अपने पिता के नक़्शे कदम पर न चलते हुए अध्यात्म के मार्ग पर चल पड़ा है। माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के बेटे के मौलाना बनने के एक साल बाद उसके करीबी छोटा शकील के बेटे ने भी पाकिस्तान के कराची में आध्यात्मिकता की राह पकड़ ली है। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान के कराची में ही छोटा शकील भी रहता है। 18 वर्षीय मुबशीर शेख छोटा शकील के तीन बच्चों में सबसे छोटा है।

मुबशीर शेख ‘हाफिज़-ए-कुरान’ हो गया है मतलब उसने पूरी कुरान को याद कर लिया है। कुरान में 6,236 छंद शामिल हैं। इस्लाम में ऐसा करना मील का पत्थर माना जाता रहा है। ‘हाफिज़-ए-कुरान’ बनकर मुबशीर इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहा है। मुबशीर अपने नाम के अनुसार ही काम कर रहा है। अरबी में मुबशीर का अर्थ ‘अच्छी खबरों का अगुआ’ होता है।

वहीं यदि मुबशीर शेख के पिता छोटा शकील की बात करें तो  60 के दशक के मध्य में दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा में एक संदिग्ध ट्रैवल एजेंसी चलाता था। 1980 के दशक में वह दाऊद के साथ मिल गया और माफिया के रूप में सामने आया। युवा मुबशीर अभी कराची में लोगों को कुरान पढ़ाता है। पाकिस्तान के कराची में वह अपने पिता बाबू मियां शकील अहमद शेख उर्फ छोटा शकील के साथ रहता है। 1980 में मुंबई से भागने के बाद से दाऊद और छोटा शकील कराची के क्लिफटॉन इलाके में रहते थे,  लेकिन अब दाऊद ने यह इलाका छोड़ दिया है और वह किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो गया है।

गौरतलब है कि दाऊद ने कई देशों की सरकार के नाक में दम कर रखा है। कोई भी सरकार उसे पकड़ने में कामयाब नहीं हो सकी है। बताया जाता है कि छोटा शकील अब भी दाऊद इब्राहिम के सबसे विश्वासपात्रों में से एक है।

Share.