सिंधिया संभालेंगे प्रदेश की कमान या राज्यसभा में होंगे विराजमान

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लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा ने 303 सीटें हासिल कर ऐतिहासिक जीत हासिल की| इससे जहां भाजपा के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई तो मप्र में कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia Become MP Congress President) के लिए ये नतीजे बड़ा झटका साबित हुए | अब सांसद का पद खो चुके सिंधिया किसी पद पर नहीं हैं |

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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह हुई हार के बाद समीक्षा और मंथन का दौर जारी है| मुख्यमंत्री  के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाल रहे कमलनाथ (Jyotiraditya Scindia Become MP Congress President) अब पद छोड़ेंगे| चुनाव का दौर खत्म हो चुका है और अब संगठन को किसी मोर्चे पर नहीं लड़ना है| अब आलाकमान संगठन में कसावट और बदलाव के मोड में है| इन हालात को मद्देनजर रखते हुए कांग्रेस में अब ऐसे नेता को अध्यक्ष पद की कमान दी जा सकती है, जो सरकार के साथ ठीक से तालमेल रखे और संगठन को खड़ा करे|

अब ख़बर सामने आई है कि गुना-शिवपुरी से लोकसभा चुनाव हार चुके कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia Become MP Congress President) मध्यप्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने वाले हैं ? इस तरह की मांग अब कांग्रेस के एक खेमे से उठ रही है| सिंधिया समर्थक अपने नेता की प्रदेश वापसी चाहते हैं, लेकिन राजनीतिक हालात बता रहे हैं कि पश्चिमी उत्तरप्रदेश के प्रभारी महासचिव सिंधिया को अब राज्यसभा में ले जाने का रास्ता तय हो रहा है| मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेशाध्यक्ष का पद अपने खास समर्थक आदिवासी नेता बाला बच्चन को सौंप सकते हैं|

सिंधिया संभालेंगे प्रदेश की कमान या राज्यसभा में होंगे विराजमान

गौरतलब है कि सिंधिया  राष्ट्रीय नेता हैं| वे कांग्रेस के उन खास सांसदों में शामिल हैं, जो हमेशा मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हैं| उनके समर्थकों का दावा है कि उनकी जरूरत पार्टी को दिल्ली में है| वर्ष 2021 तक राज्यसभा में मोदी सरकार बहुमत में नहीं है, जिसका फायदा  कांग्रेस उठाना चाहती है| लोकसभा में तो इस बार भी नेता प्रतिपक्ष का पद कांग्रेस को नहीं मिल रहा है| हालांकि, साल 2020 में राज्यसभा में पद खाली हो रहे हैं| मध्यप्रदेश से इस बार लगभग दो पद राज्यसभा में होंगे|

मध्यप्रदेश में कांग्रेस एक नई आदिवासी लीडरशिप तैयार करना चाहती है| दिग्विजयसिंह समर्थक कांतिलाल भूरिया चुनाव हार चुके हैं| उनके बेटे को विधानसभा का टिकट दिया गया था, वह भी चुनाव हार गए| बाला बच्चन निमाड़ क्षेत्र के नेता हैं और वर्तमान में कमलनाथ कैबिनेट में गृहमंत्री हैं| मुख्यमंत्री उनसे इस्तीफा लेकर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का पद सौंपने की तैयारी में हैं|

बाला बच्चन पहले भी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं| पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजयसिंह और सिंधिया गुट की तब भी उनके नाम पर सहमति थी| मध्यप्रदेश  में कांग्रेस संगठन की हालत खराब है| कई वर्षों से यहां जिला स्तर पर नई नियुक्तियां नहीं हुई हैं| कांग्रेस की कई इकाइयां सक्रिय नहीं हैं| सेवादल, एनएययूआई, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस जैसे संगठनों में मजबूती नहीं है|

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