भाजपा में आते ही सिंधिया-शिवराज गुट ने बढ़ाई नेताओं में हलचल

0

भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया जब भोपाल (Jyotiraditya Scindia visits Shivraj Singh Chouhan in Bhopal) पहुंचे तो भाजपाईयों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद भोपाल में सिंधिया (Jyotiraditya Scindia in Bhopal) की शिवराज के साथ जबरदस्त ट्यूनिंग भी देखी गई, जिसने कई बड़े नेताओं को भी बेचैन कर दिया होगा। ऐसे में अब एक सवाल यह भी उठने लगा है कि कहीं प्रदेश भाजपा (BJP) में एक नया गुट सिंधिया शिवराज (Jyotiraditya Scindia visits Shivraj Singh Chouhan) गुट भी तो पैदा नहीं हो रहा। आईये देखते हैं सियासत की इन अलग-अलग तस्वीरों को।

कमलनाथ का 10 साल तक मुख्यमंत्री रहने का दावा

तस्वीर 1 – जोरदार स्वागत

भाजपा में हाल ही में शामिल हुए कद्दावर नेता का जब भोपाल में स्वागत हुआ तभी यह एहसास हो गया था कि यह शक्ति प्रदर्शन ना सिर्फ कांग्रेस के नेताओं को जवाब देने के लिए था। बल्कि यह भी जाहिर करने के लिए था कि मध्यप्रदेश की सियासत में भाजपा नेता सिंधिया का कद क्या होने वाला है। भाजपा के कुछ ही नेता ऐसे हैं जिनके स्वागत सत्कार में इस तरह की भीड़ जुटती हो। ऐसे में सिंधिया ने जो भीड़ जुटाई इससे कई नेताओं के तो हौसले अपने आप ही पस्त हो गए।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने से कांग्रेस की राजनीति में क्या बदलेगा

तस्वीर 2- शिवराज की बयानबाज़ी

शिवराज, सिंधिया के आने के पहले दिन से ही उनकी तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं। हालांकि गुरुवार को अपने भाषण में शिवराज ने सिंधिया की तुलना विभिषण से कर दी थी और राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी खूब चर्चा हुई। शिवराज की बात को सिंधिया ने यहां नज़र अंदाज़ किया, क्योंकि शिवराज के साथ सिंधिया की जुगलबंदी भाजपा में आते ही दिखाई देने लगी थी। सिंधिया ने जब भाजपा ज्वाईन की तो उन्होंने केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार माना। लेकिन भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बकायदा उनके लिए एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर महाराज और शिवराज को एक बताया।

तस्वीर 3- भाजपाई सिंधिया का भाषण

कांग्रेस में रहते ज्योतिरादित्य सिंधिया का भाषण तो सभी ने सुना होगा, लेकिन कल पहला मौका था जब भाजपाई सिंधिया को भोपाल के भाजपा मुख्यालय में अपना भाषण देना था। सिंधिया भी यहां तगड़ी तैयारी के साथ आए थे। यहां सिंधिया ने वही सब बोला जो भाजपा के कार्यकर्ता सुनना चाहते थे। उन्होंने कहा कि जब सिंधिया परिवार का खून खोलता है, तो सिंधिया परिवार बोलता है। वहीं उन्होंने यहां भी शिवराज के साथ ही मस्खरी की। जबकि दूसरे भाजपा नेता भी मंच पर मौजूद थे। लेकिन उन्होंने शिवराज को ही संबोधित करते हुए कहा कि शिवराज जी आपने भी कांग्रेस का विरोध किया है और मैंने भी किया है। यह बात अलग है कि आप बाहर रहकर विरोध कर रहे थे और मैं अंदर रहकर।

तस्वीर 4- सिंधिया-शिवराज की डिनर पॉलिटिक्स

शाम होते-होते भोपाल में सिंधिया के लिए शिवराज ने दस्तरखान बिछा दिया था। शिवराज के घर महाराज भी सहर्ष भोजन करने पहुंच गए थे। यहां शिवराज ने ना सिर्फ सिंधिया का स्वागत किया, बल्कि उनकी पत्नी साधना सिंह ने खुद अपने हाथों से सिंधिया को भोजन भी परोसा। यहां सिंधिया के बगल में बैठे शिवराज की तस्वीर भी यह साफ इशारा करती है कि आने वाले दिनों में भी इनकी जोड़ी प्रदेश में भी ऐसे ही अंदाज़ में नज़र आ सकती है।

तस्वीर 5- काटो तो खून नहीं…

अब ज़रा शिवराज के घर डिनर करने पहुंचे सिंधिया की तस्वीर को एक बार फिर से रिवाइंड करके देखते हैं। शिवराज के घर जब सिंधिया पहुंचे तो भोजन की टेबल पर कई दूसरे नेता भी मौजूद थे। इनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह, ग्वालियर चंबल क्षेत्र के बड़े नेता नरोत्तम मिश्रा, उनकी बुआ यशोधरा राजे, और भाजपा नेता जफर इस्लाम जैसे नेता मौजूद थे। इनमें से गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह जैसे नेताओं के चेहरे की हवाईयां उड़ी हुई थी। सिंधिया भी सिर्फ शिवराज से ही चर्चा कर रहे थे। ऐसे में यह बात साफ दिखी की सिंधिया के आने से इन नेताओं के दिल में एक सदमा तो बैठ ही गया है। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा तो इस बात की भी है कि सिंधिया के भाजपा में आने से कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा, राकेश सिंह जैसे नेताओं के खेमे ने खुद को अलग-थलग कर लिया है। ये वे नेता हैं जो सिंधिया का विरोध तो नहीं कर रहे हैं, लेकिन समर्थन भी नहीं कर रहे हैं।

पिता की तरह अलग पार्टी बनाएंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया!

Rahul Tiwari

Share.