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कमलनाथ सरकार के विरोधी बने सिंधिया और दिग्गी!

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देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस (Indian National Congress) का अस्तित्व अब संकट में आ रहा है। कांग्रेस (Congress) के कई नेता बागी बन रहे हैं वहीं दिग्गज नेताओं के बीच आपसी मतभेद शुरू हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं के ये मतभेद खुलकर सबके सामने आने लगे हैं। मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस के दिग्गज अपनी ही पार्टी के खिलाफ खुलकर बयान दे रहे हैं। प्रदेश की कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) पर जहां पहले भाजपा (Bharatiya Janata Party) के नेता ही सवाल उठाते थे अब वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh) और पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) भी सरकार के कार्यों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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अपनी ही पार्टी के खिलाफ कांग्रेसी

दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) और ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) के साथ-साथ कांग्रेस के कई ऐसे नेता हैं जो प्रदेश सरकार के काम से खुश नहीं हैं और वे जनता के बीच जाकर सरकार के कार्यों की आलोचना कर रहे हैं। सरकार से सवाल पूछ रहे हैं (Kamal Nath Under Attack From Scindia)। पहले जहां एक जनसभा को सबोधित करते हुए सिंधिया ने कमलनाथ सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया था अब वहीं दिग्विजय सिंह ने गायों की मौत  और उनकी देखकर को लेकर सवाल उठाया है।

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CM कमलनाथ को दिया ‘गौभक्ति चैलेंज’

प्रदेश में गायों की मौत के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए पूर्व सीएम दिग्विजयसिंह ने कहा है कि कहाँ हैं हमारे गौ प्रेमी गौ रक्षक? मध्य प्रदेश शासन को तत्काल इन्हें सड़कों से हटाकर गौअभ्यरण या गौशालाओं में भेजना चाहिए। उन्होने आगे कहा कि यदि कमलनाथ जी आपने तत्काल ऐसा करके दिखा दिया तो आप सच्चे गौभक्तों में गिने जाएंगे और तथाकथित भाजपाई नेताओं को नसीहत मिलेगी। इसके बाद सीएम कमलनाथ ने भी जवाब देते  हुए कहा कि गाय उनके लिए सियासत का मुद्दा नहीं है (Kamal Nath Under Attack From Scindia)। उन्होने ट्वीट किया, “प्रिय @digvijaya_28 जी, आपने भोपाल- इंदौर हाईवे पर बैठी, दुर्घटना का शिकार हो रही गौमाता का जिक्र किया। इनको लेकर सरकार को कुछ करना चाहिए तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैंने अभी कुछ दिनों पूर्व ही प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर, जहां बरसात के मौसम में खेतों की मिट्टी गीली होने की वजह से गौमाता सड़कों पर आकर बैठती हैं और वाहन दुर्घटना का शिकार होती हैं, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अधिकारियों को एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। यह भी सच है कि हमारे लिए गौमाता सिसायत नहीं आस्था व गौरव का प्रतीक है। गौमाता की रक्षा व संवर्धन के लिए जो कार्य वर्षों में नहीं हो पाए हैं, हम वह करना चाहते।”

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    – Ranjita Pathare

 

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