website counter widget

स्टेट बैंक के 1200 करोड़ रुपए गए पानी में  

0

भारत में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं | धोखाधड़ी के भी कई मामले आए दिन सामने आ रहे हैं | आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के अलावा करोड़ों-अरबों का व्यापार करने वाले भी धोखाधड़ी कर देश को चूना लगा रहे हैं | नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या, संदेसरा ब्रदर्स जैसे कई लोग हैं, जो बैंकों का अरबों  रुपया लेकर भाग चुके हैं| अब मप्र के भी एक व्यापारी (Multiplex King Dr Shrikant Bhasi ) ने बैंक को करोड़ों का चूना लगा दिया है|

Indore Video viral :  इस तरह हुआ विस्फोट और ढह गई विशाल इमारत  

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल अंबानी की बिग सिनेमा सहित कई मशहूर मल्टीप्लेक्स (MULTIPLEX) चेन का अधिग्रहण करके चर्चा में आए भोपाल के डॉ.श्रीकांत भासी (Multiplex King Dr Shrikant Bhasi ) मप्र और छग के सबसे बड़े बैंक डिफॉल्टर हैं। उन्होंने अपनी एग्री कमोडिटी फर्म एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड (AOPL) के नाम से 2014 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (STATE BANK OF INDIA) की शाहपुरा स्थित बैंक से 1000 करोड़ का कर्ज लिया था, लेकिन उन्होंने नहीं चुकाया। ब्याज के साथ बकाया राशि बढ़कर 1200 करोड़ हो चुकी है।

Video : मंच से जीतू पटवारी ने कहा, मुझे अंग्रेजी नहीं आती

अकाउंट एनपीए होने के बाद 2018 में इसे स्टेट बैंक की मुंबई स्थित रिकवरी सेल के पास भेज दिया गया। बैंक ने उन्हें विलफुल डिफॉल्टर नहीं घोषित किया है। इसका खुलासा पिछले हफ्ते भासी (Multiplex King Dr Shrikant Bhasi ) के ठिकानों पर पड़े आयकर विभाग की मुंबई टीम के छापों के बाद हुआ। भासी कोचिन से कारोबार करते हैं। भोपाल में उनका पंजीकृत ऑफिस है इसलिए यहां भी छापे मारे गए। सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि एओपीएल ने 1200 करोड़ का कर्ज डिफॉल्ट किया है लेकिन यह पता नहीं चल सका कि उन्हें इतना लोन भोपाल से क्यों दिया। वह भी एग्री कमोडिटी की ट्रेडिंग करने वाली कंपनी को।

सूत्रों ने बताया कि बैंक भासी (Multiplex King Dr Shrikant Bhasi ) की इस कंपनी से वन टाइम सेटलमेंट के लिए बात कर रही है। बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती तो बैंक भासी को विल-फुल डिफॉल्टर घोषित करने के साथ कंपनी को दिवाला कोर्ट एनसीएलटी में ले जाने के भी विकल्पों पर विचार कर सकता है।

56 दुकान से खाना आर्डर करने के लिए MOBILE APP तैयार 

एओपीएल एग्री प्रोडक्ट की ट्रेडिंग करती है। यह मध्य भारत और दक्षिण भारत के बाजारों से अनाज खरीदकर इनकी मार्केटिंग करती है। कंपनी की स्थापना भासी ने की थी। भासी के पिता भेल भोपाल में नौकरी करते थे। भासी की स्कूलिंग भेल स्थित विक्रम स्कूल से हुई है। इसके बाद भासी ने भोपाल स्कूल ऑफ सोशल साइंस से कॉलेज की पढ़ाई की। कॅरियर की शुरुआत एक अकाउंटेंट के रूप में की थी। इसके बाद वे एग्री कमोडिटी के कारोबार में आए।

Summary
Review Date
Author Rating
51star1star1star1star1star
ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.