Himmat Patidar Murder Case : फिर आखिर हिम्मत कहां है ?

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मध्यप्रदेश के रतलाम के बिलपांक थाने के कमेड़ गांव में बुधवार को संघ कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार की ह्त्या का मामला (Himmat Patidar Murder Case) सामने आया था। खेत में सिंचाई के लिए गए हिम्मत पाटीदार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी । अब उस मामले में एक अजीब और रोचक मोड़ आ गया है| शव का डीएनए हिम्मत पाटीदार के परिवार से मैच नहीं हुआ। यानी यह स्पष्ट हो गया कि शव हिम्मत पाटीदार का नहीं है। तो अब सवाल यह उठता है कि आखिर हिम्मत कहां है ?

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 मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के कमेड़ में हुई हिम्मत पाटीदार हत्या के मामले में सागर में हुई शव की डीएनए जांच के बाद पूरी कहानी ही बदल गई है। हालांकि एसपी गौरव तिवारी ने अभी डीएनए की जांच रिपोर्ट मिलने की बात से ही इनकार किया है, लेकिन पुलिस सूत्र इसकी पुष्टि कर रहे हैं। अब मामला फिर से उलझ गया है। पुलिस के सामने दो चुनौतियां आ गई हैं। पहली आरएसएस पदाधिकारी हिम्मत पाटीदार कहां है और दूसरी खेत में जो शव मिला, वह किसका है। पुलिस की जांच के घेरे में अब हिम्मत पाटीदार भी आ गया है कि कहीं उसी ने तो इसकी ह्त्या नहीं की ?

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इस तरह घटा था पूरा घटनाक्रम

# 23 जनवरी 2019 को किसान लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने अपने खेत पर एक शव देखा।  उनका बेटा हिम्मत पाटीदार 22 जनवरी की रात इसी खेत पर आया था। शव के पास हिम्मत की बाइक भी खड़ी थी। अत: यह मान लिया गया कि हिम्मत की हत्या हो गई है।

# हिम्मत पाटीदार आरएसएस के शिवपुर मंडल का पूर्व कार्यवाह है। संघ कार्यकर्ता की हत्या से क्ष्रेत्र में सनसनी फैल गई।  खेत में पड़ी लाश का चेहरा झुलसा हुआ था। गले पर धारदार हथियार के चार वार थे। पिता लक्ष्मीनारायण व चचेरे भाई सुरेश ने लाश की शिनाख्त हिम्मत के रूप में की।

# पुलिस ने तलाश की तो गांव का युवक मदन पिता भागीरथ मालवीय गायब था।  मदन को हत्या का आरोपी मानकर तलाश शुरू कर दी गई।

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यूं बदली जांच की दिशा

वरिष्ठ अधिकारियों ने जब शव और हिम्मत कोठारी के फोटो का मिलान किया तो उन्हें त्वचा का रंग अलग दिखा। लाश का रंग गेहुंआ था जबकि परिजन द्वारा उपलब्ध करवाए फोटो में हिम्मत का रंग गहरा सांवला है।

इसी शंका में पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की। संदिग्ध मदन के परिजन को शव के साथ मिले कपड़े दिखाए। मदन की पत्नी ने उसका अंतरवस्त्र पहचान लिया। मृतक की शिनाख्ती संदिग्ध होने पर मदन व हिम्मत के माता-पिता के रक्त के नमूने जांच के लिए सागर भिजवाए गए। इसके बाद सारी कहानी ही बदल गई। शव और मदन के माता-पिता का डीएनए एक पाया गया| तब रिपोर्ट में बताया गया कि शव मदन का है |

इसके बाद घटनास्थल के आसपास, मदन के खेत के आसपास, मदन के घर के रास्ते के आसपास एवं हिम्मत पाटीदार के घर के रास्ते के आसपास सूक्ष्मता से सर्चिंग कराई गई, जिसमे कई अहम सुराग मिले। घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर रोड़ किनारे कपड़े एवं एक जोड़ी जूते मिले, जिनमें गीली मिट्टी लगी थी, भी बरामद किए गए । जूतों एवं कपड़ों की शिनाख्त मदन के पिता से करवाई जाने पर उन्होंने जूतों का मदन का होना स्वीकारा। हिम्मत की मोटरसाइकिल के फूट रेस्ट पर लगी मिट्टी एवं मदन के जूतों पर लगी मिट्टी का भौतिक मिलान होना पाया गया |

पीएम रिपोर्ट मे आए तथ्यों का विश्लेषण करने पर ज्ञात हुआ कि मृतक की मृत्यु पहले गला घोटने से मूर्छित होने पर किसी धारदार हथियार से गर्दन पर चार बार वार करने व घास से चेहरा जलाने से हुई है|

उधारी और बीमा के रुपए के लिए की हत्या

एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि मृतक मदन पहले हिम्मत पाटीदार के खेत पर मजदूरी का काम करता था। हिम्मत द्वारा माह दिसम्बर 2018 में अपना बीमा करवाया था। हिम्मत पर काफी उधारी का लेख होना जांच में पाया गया। प्रथमदृष्टया घटना के अवलोकन से हिम्मत पाटीदार द्वारा अपनी उधारी के रुपए चुकाने के लिए पहले अपना बीमा करवाया गया और बाद में उक्त घटनाकम को सुनियोजित तरीके से रचा गया ताकि हिम्मत की मृत्यु की पुष्टि होने पर उसके द्वारा कराए गए बीमे की राशि परिवारवालों को मिल सके |

एसपी  ने बताया कि हिम्मत पाटीदार को तलाश किया जा रहा है | उसके मिलने पर इस घटना के संबंध और भी कई तथ्यों के खुलासे होने की संभावना है। आरोपी की सूचना देने वाले को पुलिस अधीक्षक, रतलाम द्वारा दस हजार रुपए इनाम की घोषणा की गई है| प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसे चिन्हित जघन्य व सनसनीखेज श्रैणी मे रखा गया है।

अनसुलझे सवाल 

1.  मृतक के जैकेट व पेन्ट की चेन खुली कैसे थी ?

2.   मृतक के शरीर पर अन्य कोई स्ट्रगल मार्क नहीं होना ?

3.    मृतक का सिर्फ चेहरा जलाया जाना ?

4.    पॉकेट डायरी में सिर्फ उन्हीं तथ्यों  का खुलासा करना, जिनका फायदा मृतक के परिवार को मिले जैसे बीमा, एटीएम पिन एवं एफडी ?

5.    मृतक के मोबाइल फोन से वाट्सएप्प मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग, गैलरी में से फोटो, वीडियो, हिस्ट्री इत्यादि डिलीट करना जबकि रात भर मोबाइल पर इंटरनेट का उपयोग किया गया हो ?

6.   संदिग्ध का घटनास्थल के आसपास पहचान छुपाते हुए अपना सामान जैसे जूते, कपड़े छोड़ के जाना ?

7. हिम्मत द्वारा रात्रि मे खेत पर जाना, जिसका चश्मदीद्‌ रमेश राठौर है, परंतु हिम्मत का अपने खेत पर पम्प न चालू करना ?

-अंकुर उपाध्याय

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