Ratlam : मंत्रीजी का बकाया, इस तरह चुकाया

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रतलाम (Ratlam) में लगातार आपराधिक वारदातों की ख़बरें सामने आ रही हैं| पिछले कुछ दिनों से आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार की हत्या का मामला चर्चा में था| इसमें बाद में हिम्मत ही हत्यारा निकला| अब रतलाम से एक और बड़ा मामला सुर्ख़ियों (Asha Dhakad Sucide) में आ गया है|    

दरअसल, जिले के जावरा सिटी थाने में पदस्थ महिला आरक्षक आशा धाकड़ ने सोमवार को पुलिस कॉलोनी स्थित अपने घर में फांसी (Asha Dhakad Sucide) लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने बताया कि है कि उसे मंत्रीजी को 2 लाख रुपए देना है। पैसों का इंतज़ाम नहीं हो पाने के कारण वह आत्महत्या कर रही है|

आखिर यह मंत्री है कौन ?

सुसाइड नोट में किसी मंत्री को दो लाख रुपए देना बताया गया है। पुलिस उसका नाम छुपा रही है। पुलिस का कहना है कि गांव में पंचायत सचिव को भी मंत्री कहते हैं परंतु सूत्रों का कहना है कि यह आरक्षक भर्ती घोटाला से जुड़ा मामला है। पुलिस का कहना है कि चिट्टी में बड़े भाई शीतल धाकड़ की फिक्र है। उसकी सर्विस नहीं लगी तथा शादी बाकी है। ऐसे में पारिवारिक परेशानी को ध्यान में रखते हुए जांच होगी। ऐसी भी चर्चा है कि आशा की भी शादी की तैयारी परिजन कर रहे थे। संभवत: वह इससे खुश नहीं थी और इसे लेकर परिवार में मनमुटाव चल रहा था। कहीं ये कारण तो नहीं है। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

यह लिखा था सुसाइड नोट में

शीतल भैया, जीजी (मां) आपको बहुत प्यार और फिक्र करती है। मेरे जाने के बाद उनका ध्यान रखना। जीजी मेरे जाने के बाद तू बहुत रोएगी पर तू मत रोना, आप सभी के जीवन में खुशियां लाने के लिए ही मैं आप सभी से दूर जा रही हूं। चिट्टी में बैंक बैलेंस के 30 हजार, दो बीमे, एक एफडी व लॉकर में ज्वैलरी रखी होने की बात भी लिखी है। इसी चिट्टी के सबसे आखिर में एक लाइन लिखी है कि भैया जी मैं एक बात और भूल गई, वो मंत्री जी को दो लाख रुपए देना है। सब को बाय-बाय…।

दूसरी चिट्ठी में यह लिखा था

पुलिस को मौके पर एक पुस्तक के बीच से आरक्षक के हाथों लिखी हुई चिट्ठी मिली है। इसमें लिखा है कि मैं आप सबकी परेशानी बन गई हूं। अब मैं आप सभी को छोड़कर बहुत दूर जा रही हूं। भैया जी आप मेरी जगह जॉब करना। फिर कोई आपको काम चोर या कुछ काम नहीं करता ऐसा नहीं कहेगा। आपकी शादी भी हो जाएगी।

पहले गणतंत्र दिवस की परेड में ड्यूटी की

पुलिस के अनुसार, आरक्षक आशा पिता रामप्रसाद धाकड़ (28) मूलत: नीमच जिले के कंजार्डा गांव की रहने वाली थी। उसकी पदस्थापना 3 जुलाई 2012 को जावरा में हुई। ट्रेनिंग के बाद वे जावरा सिटी, आईए व पिपलौदा थाने में पदस्थ रही। अभी सालभर से सिटी थाने में पदस्थ थीं। मृत महिला आरक्षक की रतलाम में हुए गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह की परेड में ड्यूटी लगी थी। इसी की रिहर्सल व ड्यूटी के लिए 17 जनवरी को ही आशा यहां से रतलाम चली गई थी। वहां ड्यूटी पूरी करने के बाद सोमवार सुबह 9.30 बजे वापस आई और थाने पर आमद दी। इसके बाद पुलिस कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर चली गई। वहां आशा के साथ इनकी कजिन सिस्टर मधु व तारा भी रहती है। ये दोनों कजिन सिस्टर यहां प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है।

बहनों ने फांसी पर लटका देखा

मधु व तारा ने बताया कि वे दोनों सोमवार सुबह 11 बजे कोचिंग के लिए गई थी। शाम 4.45 बजे कोचिंग से वापस आई तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। पीछे स्थित जाली वाले दरवाजे से वे अंदर गईं तो आशा फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। जिंदा होने की उम्मीद में आनन-फानन में आशा को फंदे से नीचे उतारा और थाने पर सूचना दी। एसडीओपी डीआर माले, सिटी टीआई एससी शर्मा मौके पर पहुंचे। आशा के आत्महत्या की खबर सुनते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

पुलिस ने एफएसएल को सूचना दी और पंचनामा बनाकर शव सिविल अस्पताल भिजवाया। नीमच के कंजार्डा में रहने वाले परिजन को सूचना दी। देररात भाई शीतल धाकड़ व परिजन यहां पहुंचे। मंगलवार सुबह पीएम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। एसडीओपी माले व सिटी टीआई शर्मा ने कहा आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच की जाएगी। चिट्ठी में किस मंत्री का जिक्र है, इसके बारे में परिजन से एक-दो दिन बाद जानकारी लेंगे।

-अंकुर उपाध्याय

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