4 साल पुराने कपिल राठौर हत्याकांड में 6 को उम्रकैद

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रतलाम के बहुचर्चित कपिल राठौर दोहरे हत्याकांड मामले में मंगलवार को सेशन कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी नासिर, मुसैफ, हैदर, रिजवान, याह्या खान, जाहिद खान को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। एक अन्य आरोपी मूसा को 5 साल कारावास की सजा सुनाई गई है। अन्य अभियुक्त सैफुल्ला को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।

शहर को एक पखवाड़े तक कर्फ्यू के साये में ढकेल देने वाले बहुचर्चित कपिल हत्याकाण्ड का फैसला मंगलवार को हुआ। एडीजे तरुणसिंह ने इस मामले में मंगलवार दोपहर करीब 3.30 बजे अपना फैसला सुनाया। फैसले के लिए सुबह ही आरोपियों को उज्जैन भैरवगढ़ जेल से रतलाम न्यायालाय में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया| फैसला आने से पहले पूरा कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील नज़र आया। एसपी गौरव तिवारी और एएसपी डॉ. राजेश सहाय, प्रदीप शर्मा, सीएसपी विवेकसिंह सहित तीन थानों के टीआई,  पुलिस बल न्यायालय परिसर से लेकर सभी संदिग्ध स्थानों तक लगातार गश्त करते रहे।

फैसले के कारण शहर के संवेदनशील इलाकों में भी एतहियातन पुलिस बल की तैनाती सोमवार रात से ही कर दी गई थी| फैसले के वक़्त आरोपियों के साथ कोर्ट परिसर में कुछ आरोपियों के परिजन भी मौजूद थे।

चार साल पहले हुआ था घटनाक्रम

उल्लेखनीय है कि करीब चार वर्ष पूर्व 27 सितम्बर 2014 को अज्ञात आरोपियों ने नगर निगम में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेत्री यास्मीन शैरानी पर फायर किए थे। इस घटना के बाद शहर में तनाव व्याप्त हो गया था और शहर बंद रहा था। इसी दौरान पांच आरोपियों ने मौके का फायदा उठाते हुए रोडवेज बस स्टैण्ड पर पहुंचकर बजरंग दल के कार्यकर्ता कपिल राठौर की दुकान पर हमला कर दिया था। इस वारदात में आरोपियों ने कपिल राठौर पर रिवाल्वर से कई फायर किए थे। इसी हमले में दुकान पर कार्य करने वाले एक युवक पुखराज के गले पर छूरे से वार किए गए थे। कपिल राठौर के छोटे भाई विक्रम राठौर पर भी गोलियां दागी गई थी। इस घटना में कपिल और पुखराज की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि कपिल का भाई विक्रम गंभीर रूप से घायल हो गया था।

14 दिन लगा था शहर में कर्फ्यू

हत्याकाण्ड के बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। पूरे एक महीने तक शहर में कर्फ्यू लगा रहा था और आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। पुलिस ने कपिल और पुखराज की हत्या के प्रकरण में कुल नौ आरोपियों को नामजद किया था। इनमें से आठ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि एक आरोपी मुतल्लिफ अब तक फरार है। अभियोजन के अनुसार, हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी हैदर पिता इमदाद शैरानी, रिजवान पिता रमजानी शैरानी, मुसैफ उर्फ कप्तान पिता इरफान शैरानी, नासिर उर्फ निसार अली पिता निजाम अली ने इस हत्याकाण्ड को अंजाम दिया था।

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