Future Maker के सीएमडी के परिवार वाले मुसीबत में

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कम समय में निवेशकों के पैसे दोगुने करने के नाम पर ठगी करने के आरोप में नेटवर्क मार्केटिंग क्षेत्र की कंपनी फ़्यूचर मेकर (Future Maker) के सीएमडी राधेश्याम सुथार (Future Maker CMD Radheshyam) और प्रमोटर सुंदर सैनी (Sundar Saini) को कोर्ट ने जेल भेज दिया था। सीएमडी राधेश्याम सुथार फिलहाल जेल में हैं, परंतु अब उनके परिवारवालों पर निवेशकों के गुस्से की गाज़ गिर रही है|   

‘फ्यूचर मेकर’ कंपनी को लगा जोर का झटका

दरअसल, अब फ्यूचर मेकर कंपनी (Future Maker Company) में पैसा लगाने वाले और इंतज़ार करने के मूड में नहीं हैं। वे अपना पैसा वसूलने के लिए क्राइम करने से भी नहीं चूक रहे हैं। सीएमडी के परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। उनके अपहरण का प्रयास हो रहा है। अब तक 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली की जा चुकी है।

फ्यूचर मेकर कंपनी के सीएमडी राधेश्याम के भतीजे सुंदर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसका कहना है कि कंपनी के सीएमडी राधेश्याम के भाई रामसिंह (Ram Singh) को करीब दो-तीन माह पहले अगवा कर जान से मारने की धमकी देकर उनसे एक करोड़ रुपए वसूले गए थे। यह वाकया होने पर सीएमडी राधेश्याम के परिवार ने जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

अब उन्हीं के साथी ने राधेश्याम के ढाणी सीसवाल स्थित आवास पर आकर हंगामा किया। उन्होंने सिर्फ दो बातें कहीं थी। हमारा पैसा दो या फिर गाड़ी में बैठो। सुंदर का कहना है कि उनके चाचा राधेश्याम जेल में बंद है। उसे पता है कि किस व्यक्ति का कितना पैसा निवेश है। वह बाहर आए तो हिसाब हो। परिजन व रिश्तेदारों को हिसाब-किताब तक की जानकारी नहीं है।

बोरिया-बिस्तर समेटकर रतलाम से भाग गई फ्यूचर मेकर कंपनी

गौरतलब है कि तेलंगाना की साइबराबाद सिटी पुलिस ने गत सितंबर माह में हिसार स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय को सील कर दिया था। पुलिस जांच में 60 लाख लोगों से करीब 4 हजार करोड़ की ठगी का मामला उजागर हुआ था।

आठ आरोपियों को जमानत 

आदमपुर थाना पुलिस ने मंगलवार को सीएमडी राधेश्याम के ढाणी सीसवाल स्थित आवास पर हंगामा करने वाले आठों आरोपियों को अदालत में पेश किया। यहां से सभी को कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्रमोद के करीब साढ़े 32 लाख और विकास के करीब साढ़े 3 लाख रुपए निवेश की बात सामने आई है। बाकी छह आरोपी विक्रम, अनूप, संदीप, विशाल, सिल्क सहयोग के लिए साथ आए थे। जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि जिनका पैसा इनवेस्ट है, वे सामने नहीं आ रहे हैं। बाकी जो राधेश्याम के घर पैसा मांगने गए थे, उनकी आईडी लगी है या नहीं, इसकी भी तसल्ली नहीं है। फिलहाल सभी को जमानत मिल गई है।

रतलाम स्थित कार्यालय पर अब भी ताला

फ़्यूचर मेकर कंपनी के रतलाम स्थित कार्यालय पर लगा ताला अब तक नहीं खुल पाया है। कंपनी की स्थानीय शाखा के संचालक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए निवेशकों को पहले ही अपनी रकम डूबने का आभास हो चुका था। अपनी रकम वापस लेने के बाद निवेशक कंपनी के दफ्तर पहुंचे, लेकिन वह चिकनी-चुपड़ी बातों से हर बार निवेशकों को बरगला लेता था। अब जबकि कंपनी के मालिक ही जेल में बंद हो चुके हैं और कंपनी की सच्चाई सामने आ रही है, तब निवेशकों के पास कोई चारा नहीं बचा है।

-अंकुर उपाध्याय

मालिकों को जेल, रतलाम में भी नहीं खुले ताले

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