दरबार की दायर याचिका पर सुनवाई 

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सुप्रीम कोर्ट ने मप्र विधानसभा चुनाव 2013 को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य लोगों को नोटिस जारी किए हैं| इन सभी से सर्वोच्च न्यायालय ने 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। यह याचिका इंदौर की महू विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अंतरसिंह दरबार द्वारा दायर की गई थी।

प्रलोभन दिए जाने की है शिकायत

शुक्रवार को हुई सुनवाई में दरबार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा और अधिवक्ता रघुवीरसिंह दरबार ने पैरवी की। इस चुनाव अपील में जारी किए नोटिस की 4 सप्ताह में तामीली प्रकरण दोबारा सुनवाई के लिए रखा गया है। इस प्रकरण में विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री पर अनेक आरोप लगाए गए हैं। यदि इस याचिका में लगे आरोप सिद्ध पाए जाते हैं तो दोनों नेता आगामी छः साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

कार्यकर्ताओं का जमावड़ा

सुप्रीम कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद महू विधानसभा में स्थित दरबार के घर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी| दरअसल, दरबार और उनके समर्थकों को अपील से उम्मीद है| इससे पहले यह प्रकरण हाईकोर्ट में चला था और  नवंबर- 2017 में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए विजयवर्गीय की विधायकी बरकरार रखते हुए फैसला सुनाया था|

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