भाजपा लाए अविश्वास प्रस्ताव वाले बयान पर नरोत्तम मिश्रा का पलटवार

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मध्यप्रदेश की राजनीति (Congress MP)  में घमासान मचा हुआ है। म.प्र. के राज्यपाल लाल जी टंडन (Lalji Tandon  from M.P) से बहुमत साबित करने की चिट्ठी मिलने के बाद सूबे के मुख्यमंत्री कमलनाथ (BJP Narottam Mishra Replied) ने कल रात उनसे मुलाक़ात की और सदन में बहुमत होने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी सरकार के पास पूरा बहुमत है और वे सदन में इसे साबित करेंगे। आगे उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लगता है कि हमारे पास बहुमत नहीं है तो वे सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाए।

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पत्रकारों से मुखातिब होते हुए सीएम कमलनाथ (BJP Narottam Mishra Replied) ने कहा, ”मैंने अभी राज्यपाल महोदय से वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की है। आज बजट सत्र में उनके अभिभाषण पर उन्हें धन्यवाद अर्पित किया है। मैंने उन्हें कहा है कि संविधान के दायरे व नियम प्रक्रिया के तहत हम हर चीज में राजी हैं। बीजेपी बार-बार कहती है कि हमारे पास बहुमत नहीं है और फ्लोर टेस्ट की मांग करती है, तो हमने उन्हें कहा था कि यदि भाजपा को लगता है कि हमारे पास बहुमत नहीं है तो उन्हें अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहिए। आज वो लाये हैं, उन्होंने स्पीकर के सामने प्रस्ताव पेश किया है। हम अपना बहुमत साबित करेंगे। साथ ही उन 16 बंधक विधायक को भी सामने लाना चाहिए, उन्हें भी स्वतंत्र करना चाहिए। बहुमत को लेकर कोई कुछ भी कहे, हमारे पास आज बहुमत है और हम उसे साबित भी करेंगे।”

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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के विधायक नरोत्तम मिश्रा (BJP Narottam Mishra Replied) ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। मिश्रा ने कहा कि – “किस तरह से बचने के नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं कमलनाथ जी। अगर इतना ध्यान किसानों और नौजवानों पर दे दिया होता तो वे आत्महत्या नहीं करते अब वे नया झूठ बोल रहे हैं कि हम अविश्वास लेकर आए हैं। हमने कोई भी अविश्वास का नोटिस नहीं दिया। अविश्वास के नोटिस में आरोप लगाए जाते हैं, उसमे प्रमाण दिया जाता है, उसकी लाइनें अलग होती है।” इसके अलावा मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि बंधक बनाए गए विधायकों को भाजपा लेकर आए तो हम कहना चाहते हैं कि वे इनकी पार्टी के विधायक हैं तो वह छुड़ाएं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस के पास बहुमत है तो फिर उन्हें फ्लोर टेस्ट से क्या समस्या है?

 

बता दें कि इससे राज्यपाल लालजी टंडन मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) को चिट्ठी लिखकर 16 मार्च तक बहुत साबित करने की बात कही थी। हालांकि विधानसभा  (BJP Narottam Mishra Replied) में उनके अभिभाषण के बाद स्पीकर एनपी प्रजापति ने Coronavirus की वजह से सदन को आगामी 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया था। इस ऐलान के बाद एक बार फिर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख आज बहुमत साबित करने को कहा था लेकिन मुख्यमंत्री ने रात में ही उनसे मुलाक़ात कर यह बयान दिया था। वहीं इन सबके बीच कल एक और खबर मिली थी कि भारतीय जनता पार्टी अपने विधायकों को एक बार फिर भोपाल से बाहर भेजनी की तैयारी कर रही थी हालांकि कल रात को इस प्रोग्राम को कैंसिल कर दिया गया। राज्यपाल द्वारा आज बहुमत साबित करने की बात की वजह से भाजपा ने विधायकों को बाहर भेजने का प्रोग्राम रद्द कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के विधायक भोपाल से बाहर जाने के लिए राजा भोज एयरपोर्ट भी पहुंच गए थे जहां एक स्पेशल फ्लाइट उन्हें दिल्ली ले जाने के लिए तैयार थी। लेकिन पल-पल बदल रहे सियासी समीकरणों की वजह से उन्हें भोपाल में ही रोक लिया गया।

Coronavirus की वजह से सदन को स्थगित किए जाने और कांग्रेस (Congress India)  का फ्लोर टेस्ट न हो पाने के बाद भाजपा सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में तत्काल बहुमत परीक्षण कराने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। भारतीय जनता पार्टी की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) आज सुनवाई करेगा। इस याचिका पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की बेंच सुनवाई करेगी। बता दें कि यह याचिका मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और भाजपा विधायकों की तरफ से दाखिल की गई थी जिसमें 12 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की गई थी। अपनी याचिका में भारतीय जनता पार्टी ने कमलनाथ सरकार पर अल्पमत होने का दावा किया था।

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Prabhat Jain

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