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नाथ के राज में दलित दूल्हे को मंदिर में No entry

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बुरहानपुर: मध्य प्रदेश सरकार(Government of Madhya Pradesh) और केंद्र सरकार(central government) के द्वारा आये दिन दलित के उत्थान के लिए घोषणाएं की जाती है। और भेदभाव मिटाने की बात की जाती है अभी कुछ समय पहले केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने दलितों को अत्याचारों से बचाने के लिए एससी एसटी एक्ट में संसोधन किया था जिसमे दलित के साथ अत्याचार करने वाले को बिना जांच पड़ताल के गिरफ्तार करने का आदेश है इस संशोधन के बाद इसके खिलाफ लोगों ने भारी विरोध किया था। अभी हाल ही में एक घटना मध्यप्रदेश के बुरहानपुर (Burhanpur) में घटी जिसमे एक दलित दूल्हे को कुछ लोगों द्वारा मंदिर में प्रवेश करने से कथित रूप से रोका गया था, जिसे वह अपनी शादी से ठीक पहले दिव्य आशीर्वाद लेने के लिए गया था।

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जब आज़ादी के 72 साल हो चुके है उसके बाद भी ऐसी घटनाएं सामने आती है। तो लगता है एस सी एसटी एक्ट में संसोधन ठीक था। कमलनाथ सरकार द्वारा दलित के उत्थान की बातें भी महज मंच में सुनाई देती है जमीनी स्तर पर हाल अभी भी जस के तस है (Dalit Wedding In MP Village)। देश में आज भी ऊंच-नीच का भाव देखने को मिलता है, भले भारत इक्कीसवीं सदी में क्यों ना आ गया हो। आज भी देश के अनेक हिस्सों से इस प्रकार की खबरें सामने आती रहती है कि दलित दूल्हे को घोड़ी पर नहीं चढ़ने दिया या दलितों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया।

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जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के बिरोड़ा गांव में कथित तौर पर एक दलित दूल्हे को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। वहीं जब दूल्हे संदीप गावले से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मंदिर में शादी करने के लिए कलेक्टर ने उन्हें पूर्व स्वीकृति दी थी, लेकिन जब शादी होने वाली थी तो बदमाशों ने गुरुवार को मंदिर के द्वार बंद कर दिए।गावले ने कहा कि गांव के बदमाशों ने हमें मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी है क्योंकि हम दलित हैं। हमने शादी की व्यवस्था के लिए कलेक्टर से भी पूर्व अनुमति ली थी, लेकिन फिर भी ऐसा हुआ। उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (Sub Divisional Magistrate) काशीराम बडोले (Kashiram Badole) ने बताया की कि इस मामले के बारे में शिकायत प्राप्त हुई है और कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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-Mradul tripathi

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