website counter widget

छात्रों को अब तक उनकी अंकसूची नहीं मिली

0

मप्र में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और बारहवीं का रिज़ल्ट पिछले माह यानी 15 मई को घोषित कर दिया था| रिज़ल्ट घोषित करने को एक माह बीत जाने के बाद भी छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़  रहा है | इस का सबसे बड़ा कारण माध्यमिक शिक्षा मंडल की व्यवस्था में गड़बड़ी है | दरअसल, छात्रों को अब तक उनकी अंकसूची नहीं मिल पाई है, इस कारण वे प्रमाण के रूप में कुछ भी प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं |

बिहार के औरंगाबाद और पटना में बरपाया लू का कहर

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के कॉलेजों में एडमिशन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया 10 जून से शुरू है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 15 मई को दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट घोषित किया था, लेकिन एक माह बाद भी बोर्ड अंकसूची नहीं बांट पाया है| इस कारण विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं।

दसवीं की परीक्षा में इस साल 8 लाख 66 हजार 725 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इस बार रिजल्ट 61.32 फीसदी रहा। इसमें कई ऐसे भी विद्यार्थी हैं, जो पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन के लिए पीपीटी परीक्षा में शामिल हुए हैं। उन्हें अंकसूची नहीं मिलने के कारण एडमिशन लेने में परेशानी हो रही है।

Parliament Session 2019 Day 1 Live : 17वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत

हालांकि उच्च शिक्षा विभाग ने मप्र बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग में दस्तावेज सत्यापन माशिमं से ऑनलाइन करवाकर एक सुविधा तो दी है, लेकिन एडमिशन के समय मूल अंकसूची की ज़रूरत पड़ेगी।

इसके बाद माइग्रेशन व टीसी की भी ज़रूरत पड़ेगी, लेकिन स्कूलों में अभी तक अंकसूची नहीं पहुंची है। हालांकि नियम यह है कि रिजल्ट की घोषणा के 15 दिन बाद अंकसूची दे दी जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।

मंडल का कहना है कि अंकसूची तैयार कर ली गई है, स्कूलों में भिजवाने की प्रक्रिया बाकी है, जिसमें 4 से 5 दिन का समय लगेगा। इस साल प्रदेश से दसवीं व बारहवीं में कुल 18 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। इसमें बारहवीं का रिजल्ट 72.37 फीसदी और दसवीं का 61.32 फीसदी रहा।

छात्रों ने शीघ्रातिशीघ्र अंकसूची उपलब्ध करवाने की मांग की है| 12वीं के छात्रों का कहना है कि उन्हें कॉलेजों में एडमिशन लेने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है |

‘फादर्स डे’ पर बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि, हुईं आंखें नम

ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.