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मप्र : विधानसभा का 19 दिवसीय मानसून सत्र आज से

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आज से मध्य प्रदेश विधानसभा (vidhansabha) का मानसून सत्र (MP Assembly Monsoon Session 2019) शुरू हो रहा है जो 26 जुलाई तक चलेगा| 19 दिवसीय मानसून सत्र के दौरान 15 बैठकें कई महत्वपूर्ण फैसलों की गवाह बनेगी| सरकार गिराने की बात को लेकर सत्ता पक्ष फ्लोर टेस्ट के लिए भी राजी है|नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव (gopal bhargav) ने यह कहकर कमलनाथ सरकार की चिंता बढ़ा दी है कि अगला एक महीना सरकार के लिए बेदह कठिन होगा|

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लोकसभा चुनावों में मिली जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के विधायक कमलनाथ सरकार को घेरने की तैयारी में है| बिजली कटौती और किसान कर्ज माफ़ी का मुद्दा इस विधानसभा सत्र में मुख्य हथियार हो सकता है| मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के पहले दिन दिवंगत नेताओं और शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी| इस सत्र में विधानसभा में व्यवस्थाएं बदली हुई है | विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति ने लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा में मंत्री और विधायकों की आवाजाही के लिए नई व्यवस्था की है| मंत्री, विधायक और पूर्व विधायक गेट नंबर 1 से प्रवेश करेंगे, जबकि मंत्रियों का स्टाफ और विधायकों के साथी गेट नंबर 5 से विधानसभा में प्रवेश करेंगे| वाहनों की पार्किंग के लिए भी विधानसभा परिसर में व्यवस्था में बदलाव किया गया है|


विपक्ष किसानों की कर्जमाफी (kisan karj mafi) , बिजली कटौती (power cut) , राज्य की बिगड़ी कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी (MP Assembly Monsoon Session 2019) में है| वहीँ सीएम कमलनाथ ने विधायकों से से किसी भी तरह के प्रलोभन में न आने की हिदायत दी| साथ ही विधायकों को सत्र के दौरान पूरे समय सदन में मौजूद रहने और सरकार का पक्ष पूरी दृढ़ता के साथ सदन में रखने को भी कहा है| मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार की अब तक की योजनाओं का पूरा होमवर्क करने और उसे सदन में साझा करने के भी निर्देश दिए|

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वहीँ बीजेपी विधायक दल की बैठक (MP Assembly Monsoon Session 2019) आज प्रदेश कार्यालय में होगी| इसमें विपक्ष के नेता सरकार की घेराबंदी की रणनीति पर चर्चा करेंगे| इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने यह कहकर सरकार को मुश्किल में डाल दिया है कि अगला एक महीना सरकार के लिए बेहद कठिन होगा|नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की ओर से सभी विधायकों को संदेश भिजवाया गया है कि वे सत्र के दौरान सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें|

साथ ही जनहित के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी के लिए पूरी तैयारी के साथ आएं| इससे पहले विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति ने कहा कि सदन के अंदर मंत्री जो भी घोषणा या आश्‍वासन देंगे अफसरों को उन पर एक महीने के अंदर अमल करना होगा|

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