प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया का सरकार से विरोध क्या गुल खिलाएगा, भाजपा भी कूदी

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प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Former MP Jyotiraditya Scindia) और मुख्यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) के बीच तकरार अब खुलकर समाने आ रही है। ऐसे में प्रदेश की सियासत को इन दोनों नेताओं ने अपने हिसाब उलट पलट कर रख दिया है। ऐसे में अब प्रदेश के सियासी हालातों के बीच कांग्रेस क्या दो फड़ होगी इस बात की चर्चाओं का बाज़ार भी गर्म हो गया है। लोग इस बात की भी चर्चाएं कर रहे हैं कि क्या अब आने वाले दिनों में कांग्रेस में दो फड़ होगी, या फिर सिंधिया कांग्रेस (MP Jyotiraditya Scindia) को छोड़ अब किसी दूसरे दल का दामन थाम लेंगे। क्योंकि अभी तक तो सिंधिया के बयानों पर सरकार मौन रहती थी, लेकिन अब सरकार ने भी सिंधिया को दो टूक कह दिया है, कि उन्हें जो करना है करें।

कांग्रेस को झटका, ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी के साथ   

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ‘सड़क पर उतरने’ वाले अपने बयान पर आज भी कायम हैं। उन्होंने आज एक बार फिर दोहराया कि अगर कांग्रेस जिन मुद्दों को अपने वचन पत्र यानी घोषणा पत्र में शामिल की थी, उसे अगर लागू नहीं करती है तो हमें सड़क पर उतरना होगा। सिंधिया ने ग्वालियर में कहा, ‘मैं जनता का सेवक हूं। जनता के मुद्दों के लिए लड़ना मेरा धर्म है। हमें सब्र रखना होगा। जिन मुद्दों को हमने अपने वचन पत्र में शामिल किया है, उन्हें पूरा करना ही होगा। अगर ऐसा नहीं होगा तो हमें सड़क पर उतरना ही होगा।’

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आपको बता दें कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के कुछ माह बाद ही सिंधिया ने लोगों की समस्याओं को लेकर सरकार को कोसना शुरु कर दिया था। इसके बाद कई बार सिंधिया के ऐसे बयान आए जिन्होंने सरकार की चिंता बढ़ाई। सिंधिया किसानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। बीच-बीच में बीजेपी के प्रति उनके नर्म रुख को लेकर भी यह बातें सामने आईं कि सिंधिया सरकार से खुश नहीं है।

लेकिन हाल ही में सिंधिया के इस बयान के बाद कि वे जनता के हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरेंगे। कमलनाथ सरकार (Chief Minister Kamal Nath) ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है। यानि कमलनाथ भी अब सिंधिया को मनाने या समझाने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। अब देखना होगा कि यह लड़ाई कहां जाकर खत्म होती है और इसके बाद प्रदेश में कांग्रेस संगठन मजबूत होता है या कमजोर।

इंदौर के क्षेत्र क्रमांक दो से से भाजपा विधायक रमेश मेंदोला ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर उनके प्रति सहानुभूति जताते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ के व्यवहार की आलोचना की है। मेंदोला ने पत्र में लिखा कि कांग्रेस का वचनपत्र याद दिलाने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सार्वजनिक तौर पर आपके साथ जो व्यवहार किया वो दुखद और पीड़ादायी है। उससे आपकी पीड़ा की अंदाजा लगाया जा सकता है।

मेंदोला ने इस पत्र के माध्यम से सिंधिया को इंदौर में भगवान हनुमान की अष्टधातु से निर्मित विराट प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुरू हुए समारोह में आमंत्रित भी किया है। उन्होंने लिखा है कि यह आमंत्रण पत्र शुभ भाव से प्रेरित है और इसमें राजनीति या कोई और अर्थ मत निकालिएगा।

ज्योतिरादित्य सिंधिया बनेंगे कांग्रेस के महाराज!

-मृदुल त्रिपाठी

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