कमलनाथ का 10 साल तक मुख्यमंत्री रहने का दावा

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मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की सरकार इन दिनों राजनीतिक अस्थिरता की शिकार है। भाजपा (BJP) नेता उंगलियों पर विधायकों को गिन रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि आज-कल में सरकार गिरा देंगे, लेकिन इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) लगातार अपनी सरकार को लेकर आश्वस्त नज़र आ रहे हैं। उन्होंने जब राज्यपाल से मुलाकात की तब भी यह दावा किया कि उनके विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया है और उन्हें मुक्त करवाया जाए। वहीं मीडिया से चर्चा में भी कमलनाथ ने साफ किया कि वे 10 सालों तक राज्य(MP Government Crisis) के मुख्यमंत्री रहेंगे। भाजपा लगातार सरकार गिराने के लिए षड़यंत्र कर रही है। वहीं दूसरी तरफ वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह (Digvijaya Singh) ने दावा किया कि उनके पास 122 विधायकों का समर्थन है और कांग्रेस फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है। लेकिन इस बीच आईये ये जानते हैं कि प्रदेश के सभी विधायक आखिर हैं कहां।

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कौन विधायक कहां है-

बीजेपी के 100 विधायक मानेसर होटल में जबकि 07 बाहर हैं इनमें-

शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan)

नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra)

भूपेंद्र सिंह (Bhupendra Singh)

रामपाल सिंह (Rampal Singh)

अरविंद भदौरिया (Arvind Bhadoriya)

यशोधरा राजे सिंधिया (Yashodhara Raje Scindia)

नारायण त्रिपाठी (बीजेपी विधायक है लेकिन मां का निधन होने के कारण अपने क्षेत्र मैहर में हैं) (Narayan Tripathi)

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वहीं कांग्रेस विधायक जो जयपुर नहीं गए

कमलनाथ, सीएम (Kamal Nath)

एन.पी. प्रजापति, विधानसभाध्यक्ष (N. P. Prajapati)

पी. सी. शर्मा (P. C. Sharma)

तरुण भनोट (Tarun Bhanot)

जीतू पटवारी (Jitu Patwari)

प्रियव्रत सिंह (Priyavrat Singh)

जयवर्धन सिंह (Jaivardhan Singh)

लाखन सिंह यादव (Lakhan Singh Yadav)

उमंग सिंघार (Umang Singhar)

हनी बघेल (Honey Baghel)

शशांक भार्गव (Shashank Bhargava)

लक्ष्मण सिंह (Laxman Singh)

बाबू जंडेल  (अपने पिता के निधन के चलते कहीं नहीं गए हैं।) (Babu Jandel)

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बेंगलुरु के रिसॉर्ट मे मौजूद विधायक जो इस्तीफा दे चुके हैं, इन्हें अब सरकार द्वारा मंत्री परिषद से भी हटा दिया गया है। इनमें

तुलसी सिलावट – इंदौर (Tulsi Silawat)

गोविंद सिंह राजपूत – सुरखी (Govind Singh Rajput)

प्रद्युम्न सिंह तोमर – ग्वालियर (Praduman Singh Tomar)

इमरती देवी – डबरा (Imarti Devi)

प्रभुराम चौधरी – सांची विधानसभा (Prabhuram Choudhary)

महेंद्र सिसोदिया – बमोरी विधानसभा (Mahendra Singh Sisodia)

मुन्नलाल गोयल – ग्वालियर पूर्व (Munnalal Goyal)

गिरिराज दंडोतिया – दिमनी (Girraj Dandotiya)

ओपी भदौरिया – मेहगांव (OP Bhadoria)

जजपाल सिंह जज्जी – अशोकनगर (Jajpal Singh Jajji)

कमलेश जाटव – अम्बाह विधानसभा (Kamlesh Jatav)

राज्यवर्धन सिंह – नरसिंहगढ़ विधानसभा (Rajyavardhan Singh Rathore)

रघुराज कंसाना – मुरैना विधानसभा (Raghuraj Kansana)

हरदीपसिंह डंग – सुवासरा विधानसभा (Hardeep Singh Dang)

ब्रजेंद्र यादव – मुंगावली विधानसभा (Brajendra Singh Yadav)

सुरेश राजखेड़ा – पोहरी विधानसभा (Suresh Rajkheda)

रक्षा सिरोनिया – भांडेर विधानसभा (Raksha Saroniya)

जयवंत जाटव – करैरा विधानसभा (Jaivant Jatav)

रणवीर सिंह जाटव – गोहद (Ranveer Singh Jatav)

वह विधायक जिन्होंने इस्तीफा दिया लेकिन बेंगलुरु में नहीं हैं

बिसाहूलाल सिंह (Bisahulal Singh)

एदल सिंह कंसाना (Adal Singh Kansana)

मनोज चौधरी (Manoj Chaudhary)

वे विधायक जो कहां है, किसी को जानकारी नहीं है-

रामबाई, बीएसपी (Rambai)

संजीव कुशवाह, बीएसपी (Sanjeev Kushwaha)

राजेश शुक्ला, एसपी (Rajesh Shukla)

विक्रम राणा, निर्दलीय (Vikram Rana)

केदार डाबर- (Kedar Dawar)

सुरेंद्र सिंह शेरा, निर्दलीय (कांग्रेस के साथ जयपुर गए) (Surendra Singh Shera)

प्रदीप जायसवाल, निर्दलीय (कांग्रेस के साथ जयपुर गए) (Pradeep Jaiswal)

मौजूदा हालात देखें तो कांग्रेस के 114 विधायक थे जिनमे से 13 नहीं गए और 22 ने इस्तीफा दे दिया। इस तरह से हुए कुल 79 विधायक। लेकिन दो निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा और प्रदीप जायसवाल साथ गए हैं। इस तरह से 81 विधायक जयपुर गए हैं। 13 यहां रुके हैं। इस तरह सरकार के पास कुल 94 विधायक हैं। अब अगर भाजपा की बात करें तो भाजपा के 107 विधायक थेे, जिनमें से 7 नहीं गए और 100 होटल में मौजूद हैं। इस तरह भाजपा(MP Government Crisis) के पास अभी कांग्रेस से ज्यादा विधायक मौजूद हैं।

Rahul Tiwari / Prabhat

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