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ज्योतिरादित्य सिंधिया बनाए जाएंगे कांग्रेस के महाराजा

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लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर सियासी उथल-पुथल मच गई है| पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस्तीफा देने की बात पर अड़े हैं | हालांकि कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मनाने का काफी प्रयास किया गया, परन्तु अब लग रहा है कि वे ठान चुके हैं कि पद पर रहना ही नहीं है, इसी के मद्देनज़र अब कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की तलाश की जा रही है | इन सभी दावेदारों में मप्र के पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सबसे आगे माना जा रहा है |

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गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य राहुल गांधी के ख़ास माने जाते हैं | साथ ही मध्यप्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) चुनाव भले ही हार गए हों, लेकिन उनके चाहनेवालों की दीवानगी में ज़रा भी कमी नहीं आई है|  इसी के मद्देनज़र उनको कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर विचार किया जा रहा है |

कांग्रेस को आगामी दिनों में होने वाले नगर निकाय और पंचायत चुनाव के मद्देनजर संगठन को मजबूत करना है| लिहाजा पार्टी को ऐसे अध्यक्ष की तलाश है, जो पार्टी के नेताओं में समन्वय बना सके और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत कर सके। पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना बड़ी चुनौती है। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया इस कसौटी पर खरे उतर सकते हैं |

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गौरतलब है कि बीते महीने हुए लोकसभा चुनाव में सिंधिया को हार मिली थी| वे बीजेपी के अपने प्रतिद्वंदी कृष्णपाल यादव से हार गए थे जबकि गुना संसदीय क्षेत्र को सिंधिया राजघराने का गढ़ माना जाता है| वे यहां से चार बार सांसद रह चुके हैं| इससे पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया, दादी विजयाराजे सिंधिया ने भी इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था| गुना संसदीय क्षेत्र से पहली बार किसी सिंधिया राजघराने के सदस्य को हार मिली है|

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद  से ही राहुल गाँधी खुद को हार का ज़िम्मेदार बता रहे हैं | तब से ही कांग्रेस संगठन में बदलाव की चर्चा जोरों पर है। पार्टी में चिंतन-मंथन, बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।

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