मध्यप्रदेश में सिंधिया राज

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मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर असमंजस की स्थिति में है। कांग्रेस पार्टी प्रदेश की कमान किसको सौंपेगी इसे लेकर जल्द ही फैसला होने वाला है। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजधानी दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की है। वहीं कांग्रेस पार्टी के अंदर इसे लेकर काफी घमासान मचा हुआ है। सूत्रों से खबर मिली है कि पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पार्टी समर्थकों की नाराजगी को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष का पद पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिया जा सकता है। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें काफी तेज़ हैं और उनके समर्थक भी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। हालांकि कांग्रेस पार्टी के किसी भी नेता ने इस विषय पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन सूत्रों की माने तो पार्टी हाईकमान ने भी सिंधिया के हाथ में मध्यप्रदेश की कमान सौंपने का फैसला ले लिया है। जल्द ही इस बात की पुष्टि कर दी जाएगी। वहीं सूत्रों के हवाले से यह बात भी सामने आ रही है कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के फैसले में हस्तक्षेप किया है। दोनों के हस्तक्षेप के बाद ही पार्टी हाईकमान ने इस बात का निर्णय लिया।

गौरतलब है कि कल यानी 10 सितंबर को राजधानी दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। इसी दौरान सिंधिया को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने अध्यक्ष पद से रविवार देर रात इस्तीफ़ा दे दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफे को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंजूर कर लिया है। कमलनाथ के इस्तीफ़ा देने के बाद से ही ग्वालियर और सागर में सिंधिया के समर्थकों ने उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने की मांग को लेकर पोस्टर लगाए थे। फिलहाल ज्योतिरादित्य सिंधिया को अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें काफी तेज हैं और प्रदेश में उनके सिवा कोई दूसरा नाम चर्चा में नहीं है। 10 से 13 सितंबर के बीच प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।

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