मध्य प्रदेश के बीना में निकली 28 BJP सांसदों की शव यात्रा!

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सागर – केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोषपूर्ण नीतियों के खिलाफ बीना शहर में किसानों ने विरोध रैली का आयोजन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह द्वारा किया गया। इंदर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्रदेश से चुने गए भाजपा के सभी 28 सांसदों का विरोध करते हुए उनकी प्रतीकात्मक अर्थियां निकाली और ‘राम नाम सत्य है’ के नारे भी लगाए। इन 28 सांसदों में 4 महिला सांसदों की अर्थी भी शामिल थी। सभी अर्थियों पर सासंदों के नाम की पर्ची भी लगाई गई थी। इस शवयात्रा की शुरुआत नए बस स्टैंड से की गई जो शहर के सर्वोदय चौराहे से होती हुई गांधी तिराहे पर संपन्न हुई।

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केंद्र सरकार की नीतियों और प्रदेश के सांसदों के विरोध में निकाली गई इस शवयात्रा में शामिल कांग्रेस के नेता इंदर सिंह ने शवयात्रा में शामिल किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि, अतिवृष्टि की वजह से किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई। प्रदेश के किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इतना ही नहीं प्रदेश के किसानो को यूरिया की एक बोरी के लिए भी कई दिनों तक लाइन में लगना पड़ रहा है। किसानों को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है (Farmers Protest Against Central Government)। आवास योजना का लाभ भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। जबकि हम किसानों ने ही भाजपा के सभी 28 सांसदों को चुनकर संसद पहुंचाया है। जनता द्वारा चुने जाने के बाद संसद पहुंचे भाजपा के सभी 28 सांसद इस बात के लिए जिले जिम्मेदार हैं। इंदर सिंह ने कहा कि संसद में कई सांसद ने तो यहां तक कहा कि बारिश से फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। और उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य सरकार द्वारा मांगे गए राहत पैकेज का भी विरोध किया।

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कांग्रेस नेता इंदर सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश की कमलनाथ सरकार का खजाना खाली पड़ा है। इसी वजह से सूबे के मुख्यमंत्री चाह कर भी किसानों की आर्थिक सहायता नहीं कर सकते। उन्होंने आगे कहा कि किसान इस वक़्त कर्ज में डूबे हुए हैं और सभी सांसद, संसद भवन में किसानों के हित का मुद्दा उठाने से कतरा रहे हैं। इसी वजह से सभी 28 सांसदों की प्रतीकात्मक अर्थियां विरोध स्वरुप निकाली गईं हैं। इस बार केवल सांसदों को चेतावनी दी गई है। यदि भाजपा सांसद प्रदेश के किसानों के खिलाफ यही रवैया रखेंगे और उनके मुद्दे संसद में नहीं उठाएंगे तो अगली बार उनकी सिर्फ शवयात्रा नहीं निकाली जाएगी बल्कि उनका अंतिम संस्कार भी किया जाएगा। इंदर सिंह ने कहा कि जनता जिसे चुनकर संसद पहुंचा सकती है उसे जमीन पर भी ला सकती है। इसके बाद किसानों और कांग्रेसी नेता ने राज्यपाल के नाम DM को एक 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

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DM को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों (Farmers Protest Against Central Government) को प्रधानमंत्री फसल बीमा दिलाना, प्रत्येक किसान को 30 हजार रुपए राहत राशि प्रदान किए जाने जैसी मांग शामिल हैं। इस विरोध प्रदर्शन वाली शवयात्रा में पीपी नायक, वासु यादव, देवेंद्र कुशवाहा, चक्रेश जैन, विजय सिंह ठाकुर, राहुल कठरया, सारांश बजाज, अनुराग ठाकुर, हरिनारायण कुशवाहा, सतीश पटेल, धीरज पटेल, साहब सिंह ठाकुर, विनोद पौरिया सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल थे।

Prabhat Jain

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