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हाथ में थी तलवारें और…

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काले जादू और तंत्र-मंत्र से उपाए करने के तो कई मामले सामने आएं हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम में मौजूद ज़िला अस्पताल में एक जब तंत्र-मंत्र का मामला सामने आया तो सब चकित रह गए। विज्ञान के तर्क भरे ज़माने में भी ऐसी वारदातें हैरान कर देने वाली होती हैं। इस अन्धविश्वास का मामला अपनी चरम सीमा पर तब देखने मिला जब अस्पताल में मौजूद आत्मा को ले जाने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेना पड़ा। और तो और आत्मा को ड्रेसिंग रूम में ले जाने के लिए झाड़-फूंक भी की गई।

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गौरतलब है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों की फ़ौज और बाक़ी अस्पताल प्रशासन चुप-चाप इस अंधविश्वास को देखता रहा और इसे रोकने की कोशिश भी नहीं की। आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने तंत्र-मंत्र से आत्मा को ले जाने वाले टोटके को अपनी परंपरा का हिस्सा बताया। परंपरा के अनुसार आत्मा की शांति के नाम पर कुछ लोग तंत्र-मंत्र में शामिल भी हुए, लेकिन हैरान करने वाली बात थी कि परिजनों के हाथों में तलवारें थीं। कुछ देर तक तंत्र-मंत्र करने के बाद सभी अस्पताल से चले गए  और सभी ने टोने-टोटके को आदिवासी परंपरा का हिस्सा बताया।

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क्या तंत्र-मंत्र होते हैं कारगर?

आए दिन तंत्र-मंत्र के मामलों की खबरें आती रहती हैं। लोगों को फर्क महसूस होता है, लेकिन अगर अस्पताल प्रशसन भी आपत्ति न उठाये तो यह अलग रूप भी ले सकता है। डॉक्टरों की जमात विज्ञान के तर्कों पर चलती है। और यदि विज्ञान भी तंत्र-मंत्र को मानने लगे तो यह चिंताजनक है।

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आदिवासी समुदाय में प्रचलन

आज भी भारत में ऐसे कई आदिवासी समुदाय हैं जो भूत बाधा दूर करने से लेकर इंसानो को ज़िंदा करने के लिए भी तांत्रिकों की खोखली बातों पर विश्वास करते हैं, लेकिन इस तरह की क्रियाओं से समाज में अन्धविश्वास से ज़्यादा और कुछ नहीं फैलता।

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