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Economic Survey : आर्थिक सर्वेक्षण में गरीबी के मामले में मप्र 27वें पायदान पर

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हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपानीत नरेन्द्र मोदी सरकार को ऐतिहासिक जीत प्राप्त होने के बाद गठित नए मंत्रिमंडल में निर्मला सीतारमण को वित्तमंत्री बनाया गया| उन्होंने मोदी के कार्यकाल के दूसरे चरण का पहला बजट कुछ दिनों पूर्व ही पेश किया | देश के बजट के बाद अब मध्य प्रदेश के बजट को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं | मध्यप्रदेश के बजट से पहले राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी हुई| इस रिपोर्ट ने प्रदेश के आर्थिक हालातों (Economic Survey on poverty mp on 27th position) की पोल खोल दी|

कांग्रेसियों का मन चूहे का और पैर चींटी के

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश न सिर्फ कृषि के क्षेत्र में बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पिछड़ा (Economic Survey on poverty mp on 27th position) पाया गया है| आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के जारी होने के बाद पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस ने पूर्व बीजेपी सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बताया है|

उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा जारी किए गए आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey on poverty mp on 27th position) में सामने आया है कि मध्यप्रदेश मानव विकास के मानकों पर देश व समान परिस्थितियों वाले राज्यों की तुलना में पिछड़ रहा है, लेकिन बीते पांच सालों में प्रदेश में मांस के उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है|

कांग्रेसियों का मन चूहे का और पैर चींटी के

सरकार के लिए मध्यप्रदेश में गरीब और स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा एक बड़ी चुनौती बना हुआ है| आर्थिक सर्वेक्षण के सर्वे में सामने आया है कि गरीबी के मामले में मध्यप्रदेश देश में 27 वें (Economic Survey on poverty mp on 27th position) पायदान पर है| वहीं शिक्षा सूचकांक में प्रदेश का स्थान देश में 23वां है| कृषि फसलों की वार्षिक मूल्य वृद्धि में 2013-14 से 2017-18 में 3|8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मप्र में यह मात्र 0.1 प्रतिशत ही रही है|

ये है आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के आंकड़े

29 राज्यों में से प्रदेश का 27 नंबर पर नाम दर्ज (Economic Survey on poverty mp on 27th position)

कुपोषण बना बड़ी चुनौती

5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 77 दर्ज

# जीडीपी में कृषि का योगदान कम हुआ

प्रदेश में गरीबी उन्मूलन अभी भी एक बड़ी चुनौती

बिजली की उपलब्धता 18600 मेगा वाट बढ़ाई, लेकिन उत्पादन पर नहीं हुआ फोकस

प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में एडमिशन की दर घटी

2016-17 में प्राइमरी स्कूलों में नामांकन दर्ज संख्या 78.5 थी, जो साल 2018 में घटकर 77.3 रह गई

प्रदेश में मुख्य फसलों का क्षेत्रफल घटा

दलहनी फसलों का क्षेत्रफल और उत्पादन भी कम हुआ

प्रदेश में मांस और अंडे का उत्पादन बढ़ा

2016-17 में मांस का उत्पादन 79 हजार मैट्रिक टन था,जो बढ़कर 89 हजार मैट्रिक टन हुआ

मप्र की कांग्रेस सरकार का पहला बजट आज होगा पेश

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