हॉर्स ट्रेडिंग के डर से कमलनाथ करने लगे जासूसी

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लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद जिस सरकार की सबसे ज्यादा शामत आई है तो वह है कमलनाथ सरकार (Kamal Nath government in problem ?)| मीडिया के सामने वे भले ही कुछ भी कह लें, लेकिन कहीं न कहीं चिंता का विषय तो है भले ही मध्‍यप्रदेश की कमलनाथ सरकार किसी वक्त और कहीं पर भी बहुमत साबित करने का दावा कर रही हो, लेकिन उसे हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्‍त) का डर जरूर सता रहा है| इसी को लेकर अब कमलनाथ जासूस के रूप में कार्य करने लगे हैं|

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दरअसल, अपनी सरकार के गिरने के डर से अब कमलनाथ सरकार द्वारा मंत्री हों या फिर विधायक, सभी की निगरानी की जा रही है| उनकी हर एक गतिविधि पर नज़र रखने के साथ ही पल-पल का इनपुट लिया जा रहा है| सूत्रों की माने तो कमलनाथ सरकार (Kamal Nath government in problem ?) ने अपने माननीयों की जासूसी के लिए इंटेलिजेंस का सहारा लिया है|

सूत्रों ने बताया है कि सरकार अपने कमजोर विधायकों पर नज़र बनाए है| उनकी मॉनीटरिंग (Kamal Nath government in problem ?)भी की जा रही है| वो किससे मिल रहे हैं, कहां जा रहे हैं, किसके संपर्क में हैं, किससे लंबी और बार-बार बातचीत हो रही है, इन सब बातों की जानकारी ली जा रही है| यहां तक की विधायकों के मूवमेंट और वे ‍किनसे संपर्क कर रहे हैं, इन सबकी भी जानकारी हासिल की जा रही है|

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गौरतलब है कि चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी कमलनाथ सरकार पर हमलावर (Kamal Nath government in problem ?)हो गई थी| बीजेपी के दिग्गज नेताओं की तरफ से बार-बार सरकार गिराने के संकेत दिये जा रहे थे| कांग्रेस ने इस पर पलटवार भी किया, लेकिन फिर भी कमलनाथ सरकार को डर सता रहा है| दावा तो यह भी किया जा रहा है कि कमलनाथ सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी|

बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस खेमों में बंट गई है और उनके विधायक खुद ही बिकने को तैयार हैं| कमलनाथ सरकार (Kamal Nath government in problem ?) को पूरा भरोसा है कि अगले पांच साल तक उसके साथ 121 विधायक रहेंगे, लेकिन बीजेपी की तरफ से हो रही बयानबाजी ने जरूर सरकार की टेंशन को बढ़ा दिया है

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गौरतलब है कि पहले तो नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा सत्र बुलाए जाने की बात कही थी और बाद में इंदौर पहुंचे शिवराजसिंह चौहान ने कहा  था, (Shivraj Singh Chouhan Ask Resignation To Kamal Nath)“पूरे प्रदेश में कांग्रेस हार रही है, इसलिए मंत्रियों के बजाय खुद सीएम कमलनाथ (Kamal Nath government in problem ?) इस्तीफा दें, कमलनाथ ने कहा था कि जिस मंत्री के क्षेत्र से कांग्रेस हारेगी, उसे मंत्री पद छोड़ना होगा|”

इसी  कारण मंत्री हों या फिर विधायक, सभी पर कमलनाथ सरकार नज़र बनाए हुए है|

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