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बारिश के लिए कराया मेंढक-मेंढकी का विवाह अब देना पड़ रहा तलाक

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हमारा देश किस्से कहानियों का देश है। यहां हर धर्म, जाति, रीति-रिवाज और समुदाय के लोग निवास करते हैं। इसी वजह से भारत को अनेकता में एकता वाला राष्ट्र कहा जाता है। यहां धर्म, जाति समुदाय की अपनी-अपनी मान्यताएं व टोने-टोटके होते हैं। देश भर में लोग हर किसी चीज़ के लिए जादू-टोने का सहारा लेते हैं। ऐसा ही किस्सा सामने आया है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से। यहां लोगों ने प्रदेश व देश में अच्छी बारिश की कामना हेतु एक मेंढक-मेंढकी का ब्याह कराया था। लोगों का कहना है कि इस तरह मेंढक-मेंढकी का ब्याह कराने से इन्द्र देवता प्रसन्न होते हैं और देश में अच्छी वर्षा होती है।

गौरतलब है कि पूरे देश में भारी बारिश की वजह से कई राज्यों में बाढ़ आ गई है। इसके अलावा कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालत भी बने हुए हैं। कई राज्यों में मौसम विभाग की तरफ से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है और रेड, यलो व ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। बाढ़ जैसी स्थिति मध्यप्रदेश के भोपाल में भी बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के चलते राजधानी भोपाल के अधिकतर इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए। इस आफत की बारिश से लोग परेशान हो गए हैं। ऐसे में लोगों का मानना है कि मेंढक-मेंढकी का ब्याह कराने से प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भारी बारिश हुई है। अब चूंकि पूरे देश में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है तो एक बार फिर लोगों ने इन्द्र देव को प्रसन्न करने और बारिश से निजात के लिए मेंढक-मेंढकी का तलाक करवा दिया है।

जब इस बारे में लोगों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि प्रदेश व देश में अच्छी बारिश की कामना के साथ ओम शिव सेवा शक्ति मंडल भोपाल द्वारा बीती 19 जुलाई 2019 को पूरे विधि-विधान के साथ मेंढक-मेंढकी विवाह करवाया गया था। शिव सेवा शक्ति मंडल का कहना है कि मेंढक-मेंढकी का विवाह कराने के बाद से प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में अच्छी वर्षा हुई। अब वर्षा सभी के लिए खतरा बन गई है इसलिए अब मंडल द्वारा इंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए दोनों मेंढक-मेंढकी को अलग करने का निर्णय लिया गया है। मंडल के एक सदस्य ने बताया कि मेंढक-मेंढकी को अलग करवाकर अब जल में प्रवाहित कर दिया गया है ताकि बारिश बंद हो जाए।

Prabhat Jain

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