ज्योतिरादित्य के ख़िलाफ़ दिग्गी परिवार

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लोकसभा चुनाव (loksabha election) के परिणामों के बाद पूर्व मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia ) को मप्र कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की अटकले तेज़ हो गई है| ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के भाई एवं विधायक लक्ष्मण सिंह (Lakshman Singh) ने इस पर ऐतराज जताया है| उन्होंने कहा कि सिंधिया (Jyotiraditya Scindia ) के पास समय की कमी है, वे उत्तर प्रदेश में भी पार्टी का काम देख रहे हैं| उनको मध्य प्रदेश पीसीसी का अध्यक्ष नहीं बनाया जाना चाहिए| पार्टी हाईकमान को सिंधिया की जगह किसी अन्य के नाम पर विचार करना चाहिए|

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प्रदेश में कमलनाथ सरकार द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के ट्रांसफर से भी लक्ष्मण सिंह को ऐतराज है | इस पर उनका कहना है कि वैसे तो ट्रांसफर होना एक शासकीय प्रक्रिया है| लेकिन इतने बड़े पैमाने ट्रांसफर होना गलत है| इससे सरकार पर ही बोझ पड़ता है| कर्मचारियों के ट्रांसफर होने पर उन्हें भत्ता भी देना पड़ता है| अभी तक हुए ट्रांसफर में इसका आंकड़ा करोड़ों रुपए में पहुंच चुका है| अभी छोटे कर्मचारियों के ट्रांसफर और होना है| इसका वित्तीय भार भी सरकार पर पड़ेगा| लक्ष्मण सिंह ने कहा कि ये पैसा कहां से आएगा| जनता का पैसा कर्मचारियों के भत्ते पर खर्च किया जाएगा| जबकि इसका उपयोग कई विकास कार्यों पर किया जा सकता है|

मप्र: जुलाई तक तबादले जारी रहेंगे

शिप्रा, मंदाकिनी न्यास के अध्यक्ष कम्पयूटर बाबा द्वारा नर्मदा नदी के निरीक्षण के हेलिकॉप्टर मांगे जाने का पर भी लक्ष्मण सिंह ने कहा कि कम्पयूटर बाबा संत हैं उन्हें इस तरह की मांग शोभा नहीं देती| अगर उन्हें नर्मदा नदी का जायजा ही लेना है तो पैदल परिक्रमा करना चाहिए| दरअसल, कंप्यूटर बाबा ने कहा था कि नर्मदा में कहां-कहां गंदगी है, कहां क्या काम करना है, इसके आकलन के लिए उन्हें हेलीकॉप्टर से देखना पड़ेगा, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को हेलीकाप्टर की मांग से अवगत कराया है|

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