व्यापम घोटाला : लक्ष्मीकांत पर बड़ा फैसला

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मप्र के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की परीक्षा परिवहन आरक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई ने पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को क्लीनचिट दे दी है। इस मामल में शर्मा समेत आठ आरोपियों को राहत मिली है। शनिवार को सीबीआई ने न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत में पेश चालान में लिखा है कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने से इनके खिलाफ चालान पेश नहीं किया जा रहा है।

सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट में 26 लोगों के खिलाफ 78 पेज का चालान पेश किया। सीबीआई की इस क्लीन चिट के बाद एसटीएस की जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले परिवहन आरक्षक भर्ती घोटाले में जांच कर रही एसटीएफ ने पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और उनके ओएसडी ओपी शुक्ला समेत आठ लोगों को दोषी पाया था, जिसके बाद इन लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था। परंतु अब सीबीआई की पड़ताल के बाद लक्ष्मीकांत शर्मा समेत आठ आरोपियों के खिलाफ परिवहन-आरक्षक भर्ती घोटाले में पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में एसटीएफ की जांच सवालों के घेरे में है।

वहीं जांच से पता चला है कि यह संक्षिप्त विवरण 6 कथित बिचौलियों के संबंध में था। इन 18 उम्मीदवारों के अवैध चयन में इंद्रजीत जैन, तरंग शर्मा, सीके मिश्रा, पंकज त्रिवेदी, भरत मिश्रा, प्रदीप रघुवंशी और सुरेंद्र कुमार पटेल शामिल हैं। जांच में कोई प्रमाण नहीं मिला है कि इन्होंने बिचौलिए के रूप में काम किया।

गौरतलब है कि लक्ष्मीकांत शर्मा शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। व्यापमं के कई घोटालों में उन्हें आरोपी बनाया गया। इन आरोपों के मद्देनज़र लक्ष्मीकांत शर्मा एक साल जेल में रहे। वहीं सीबीआई की क्लीन चिट के बाद एसटीएफ पर सवाल खड़े हो रहें हैं, क्योंकि एसटीएफ की जांच में उन्हें दोषी पाया गया था।

कुशाग्र

 

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