Bhopal रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा, ओवर ब्रिज शेड गिरने से 9 लोग घायल

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के स्टेशन (Bhopal Railway Station Accident) पर प्लेटफार्म नंबर 2 पर आज सुबह अचानक ओवरब्रिज शेड ( Over bridge shed collapsed accidentally) गिर गया। इस हादसे में 9 यात्री घायल हो गए हैं। फिलहाल बड़ा हादसा होने से टल गया। घायलों को तत्काल ही भोपाल के हमीदिया अस्पताल (injured admitted in Hamidia Hospital Bhopal) में दाखिल करवाया गया है जहां उनका इलाज जारी है। स्टेशन (Bhopal Railway Station) पर शेड गिरते ही अफरा-तफरी मच गई और लोग शेड के नीचे दबे हुए लोगों की मदद के लिए पहुंच गए। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने शेड के नीचे दबे हुए लोगों को निकाला और उन्हें तत्काल ही इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल (injured sent to Hamidia Hospital Bhopal) भेजा गया। फिलहाल स्टेशन (Bhopal Railway Station Accident) पर राहत व बचाव कार्य जारी है फिलहाल इस हादसे में 9 लोगों के घायल (9 people injured in Bhopal) होने की जानकारी मिली है। घायल हुए 9 लोगों में एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। यह ओवरब्रिज (foot over bridge) किस वजह से गिरा अभी इसकी जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। ब्रिज गिरने की जानकारी मिलते ही तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।

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गौरतलब है कि इस हादसे के मामले में लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई है। भोपाल रेलवे स्टेशन के इस फुट ओवर ब्रिज के जर्जर होने की शिकायत कई बार लोगों ने अधिकारियों से की लेकिन इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की न ही इस तरफ ध्यान दिया गया। अगर समय रहते इस पर कार्रवाई की जाती तो आज यह हादसा नहीं होता। फिलहाल भोपाल रेलवे स्टेशन पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम पहुंच चुकी है साथ ही डीआरएम, आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी भी मौजूद हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फुट ओवर ब्रिज शेड गिर जाने की वजह से उसके नीचे बैठे लोग और ब्रिज से गुजर रहे लोग घायल हुए हैं। वहीं सुबह तकरीबन 9 बजे झेलम पंजाब मेल सहित अन्य कई गाड़ियों के यात्री यहां से गुजर रहे थे तभी यह हादसा हो गया। मिली जानकारी के अनुसार यह जर्जर हो चुका फुट ओवर ब्रिज 50 साल पुराना है जिसकी मरम्मत नहीं की गई।

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भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जहां यह हादसा हुआ, उसी प्लेटफॉर्म पर ब्रिज के पास ही कैंटीन चलाने वाले का कहना है कि वे कई बार इस जर्जर ब्रिज की शिकायत रेलवे कर्मचारियों से कर चुके हैं लेकिन उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हुई न ही इस तरफ किसी ने ध्यान दिया। केंटीन चलाने वालों का कहना है कि ब्रिज काफी पुराना है और इसका कुछ हिस्सा तो बेहद जर्जर हो चुका है जिसकी मरम्मत की जानी बेहद जरूरी थी। अगर समय रहते अधिकारियों ने इस पर ध्यान दिया होता तो आज यह हादसा नहीं होता। कैंटीन चलने वाले ने बताया कि सुबह वह जब लोगों को चाय दे रहा था तभी यह हादसा हुआ। जैसे ही ब्रिज गिरा तो प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई। कैंटीन वाले ने कहा कि वह कैंटीन छोड़कर घायलों की मदद के लिए दौड़ा और मलबे के नीचे दबे हुए लोगों को निकालने लगा। स्टेशन पर मौजूद अन्य लोगों ने भी मलबा हटाकर लोगों को निकाला और उन्हें अस्पताल में दाखिल करवाया।

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उनका कहना है कि यह गनीमत रही कि हादसे के वक्त यहां ज्यादा यात्री मौजूद नहीं थे नहीं तो घायलों की संख्या में इजाफा हो जाता और ज्यादा लोगों को चोट पहुंचती। वहीं जानकारी मिली है कि बुधवार रात को ही इस ब्रिज का कुछ गिरने लगा था लेकिन इस पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। अगर रात में ही इस पर ध्यान दिया जाता और इस पर कोई त्वरित कार्रवाई की जाती तो यह हादसा होने से बच जाता। फिलहाल पूरी घटना रेलवे प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है इस बात की जानकारी मध्य प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने दी। वहीं आगे उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार रेल मंत्रालय को एक पत्र लिखेगी और सभी रेलवे ब्रिजों की जांच करने की मांग करेगी।

Prabhat Jain

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