बड़े रसूखदारों के पास भेजी जाती थी कम उम्र की लड़किया: हनी ट्रैप

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भोपाल: अभी हाल ही में हनी ट्रैप (Madhya Pradesh Honey Trap Racket) की मुख्य आरोप श्वेता विजय जैन ने एसआईटी द्वारा पूछतांछ करने पर बताया की वह इस काम के लिए मध्यमवर्गीय परिवार की छात्राओं का इस्तेमाल करती थी। आरोपी श्वेता जैन ने लगभग 20 छात्राओं को अफसरों के पास भेजा था।
अधिक जानकारी के अनुसार इस केस में पांच मुख्य आरोपी पकडे गए है जिसमे एक नाबालिग लड़की भी शामिल है। नाबालिग लड़की से जिस्मफ़रोशी कराई जाती थी। नाबालिग से जिस्फरोसी के मामले में प्रदेश के 13 रसूख़दार लोग फंस गए हैं. इनमें नेता और अफसर (politician and officers) दोनों हैं. इन लोगों के खिलाफ मानव तस्करी की एफआईआर के बाद अब रेप और पॉस्को एक्ट के तहत कार्रवाई होना तय माना जा रहा है. इस केस में जो 5 आरोपी पकड़ी गयी हैं, उनमें से एक नाबालिग थी, जिससे गिरोह द्वारा जिस्मफरोसी कराई जाती थी।

मिली जानकारी के अनुसार अधेड़ उम्र की महिलाओं द्वारा इस काम में कम उम्र की लड़कियों का इस्तेमाल किया जाता था। इन लड़कियों को बड़े नेताओं आईपीएस आईएएस और बड़े कारोबारियों को फ़साने के लिए किया जाता था। एसआईटी और सीआईडी के द्वारा इस प्रकार के काम में लिप्त बड़े नाम वाले लोगों के खिलाफ पुख्ता सबूत इकट्ठे किये जा रहे है। जिससे एफआईआर दर्ज की जा सके। इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब हनी ट्रैप का मामला जिस्फरोसी के साथ-साथ मानव तस्करी से जुड़ा हुआ पाया गया इस बात का खुलासा गिरोह में शामिल राजगढ़ की आरोपी छात्रा के पिता की शिकायत के आधार पर हुआ। मामला मानव तस्करी से जुड़े जोने की वजह से अब मामले की जांच सीआईडी भी कर रही है.

-Mradul tripathi

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