राम और संविधान की पुस्तक में से किसी एक को चुनना हो तो मैं संविधान को चुनूंगा : जीतू पटवारी

0

इन दिनों देशभर में नागरिकता संसोधन कानून (CAA)  को लेकर सियासी हलचल मची हुई है। (Jitu Patwari To Choose Constitution) इस कारण देश का संविधान भी सुर्ख़ियों में है क्योंकि इस कानून का विरोध (CAA Protest)  कर रहे लोगों का कहना है कि सीएए संविधान (CAA is against the Constitution) के खिलाफ है. संविधान के अनुसार सर्वधर्म समभाव है लेकिन इस कानून के अनुसार अल्पसंख्यको को निशाना बनाया जा रहा है। संविधान पर मचे घमासान के बीच प्रदेश के शिक्षा मंत्री (Education Minister Jitu Patwari) ने भी संविधान को लेकर एक बयान दिया है। जी हां बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में धर्मपाल स्मृति व्याख्यानमाला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी (Jitu Patwari To Choose Constitution) ने कहा की मै गर्व से कहता हूँ मैं हिन्दू हूँ और भगवान् राम को मानता हूँ रोज पूजा पाठ के साथ अच्छा इंसान बनने की प्रार्थना करता हूँ। एक दिन ईश्वर करे ऐसा ना आये जिस दिन मुझे संविधान (Indian Constitution) की पुस्तक और भगवान् राम में से  किसी एक को चुनना पड़े ? तो मैं यह बात भी गर्व से कहता हूँ की मैं संविधान की पुस्तक को चुनुँगा क्योंकि वो हम सबको एक नया पाठ पढ़ाती है।

चुल्लु भर पानी में डूब मरो शिवराज!

इसके अलावा शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी (Minister of Education Jitu Patwari To Choose Constitution) ने कहा कि विद्यार्थियों को मानवीय अवधारणा में पारंगत करने के लिये महात्मा गांधी की विचारधारा से अवगत कराना जरूरी है और अब प्रदेश में किसी भी नए विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गांधी स्तंभ स्थापित करना अनिवार्य होगा, तभी अनुमति दी जायेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा और साहित्य से जुड़े हर व्यक्ति को गांधी के विचार और उनकी मानवीय अवधारणा से अवगत होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अहिंसा, सद्भाव और समानता गांधी जी के प्रमुख विचार थे। यही हमारे देश की विशेषता भी है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को गाँधी जी को जानना इसलिये जरूरी है क्योंकि उन्हीं के दिखाए मार्ग से हम अपने देश को सुरक्षित रख सकते हैं।

Video : मंच से जीतू पटवारी ने कहा, मुझे अंग्रेजी नहीं आती

Jitu Patwari To Choose Constitution Over Lord Rama | MP Newsउन्होंने (Jitu Patwari To Choose Constitution)  कहा कि युवा वर्ग को गाँधी जी (Mahatma Gandhi) के इन विचारों से रू-ब-रू कराने के लिए हमने 1400 महाविद्यालयों में महात्मा गाँधी पर शोध के लिये गांधी पीठ की स्थापना की है। व्याख्यानमाला में ‘गांधी को कैसे समझें’ विषय पर साहित्यकार नंद किशोर आचार्य और ‘नागरिकता की समझ’ विषय पर कानूनविद कनक तिवारी ने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.जे.राव तथा गाँधी रिसर्च फाउण्डेशन, जलगांव की अधिष्ठाता और इतिहासकार श्रीमती गीता धर्मपाल उपस्थित थीं।

इस व्याख्यानमाला में ‘गांधी को कैसे समझे’ विषय पर साहित्यकार नंदकिशोर आचार्य  और ‘नागरिकता की समझ ‘ विषय पर कनक तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किये इस कार्यक्रम में विवि के कुलपति प्रोफेसर आरजे राव और गीता धर्मपाल उपस्थित रही।

इंदौर घमासान : विजयवर्गीय की चेतावनी, तो जीतू का पलटवार

-मृदुल त्रिपाठी

Share.