सभी वैध कॉलोनियां फिर से हो गई अवैध…

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मप्र में विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद जबसे कांग्रेसनीत (Congress) कमलनाथ सरकार सत्ता में आई है, तब से अधिकारियों के तबादलों और शिवराजसिंह चौहान के मुख्यमंत्रित्व काल में लागू की गई योजनाओं को हटाया जा रहा है| कमलनाथ की इस कार्रवाई की शिवराजसिंह चौहान कई आलोचना कर चुके हैं| उनका सवाल रहता है कि जनहित की योजनाओं को क्यों हटाया जा रहा है| कमलनाथ (Kamal Nath) के बाद अब हाईकोर्ट ने भी शिवराज को झटका (valid colonies were again invalid) दिया है|

सभी वैध कॉलोनियां फिर से हो गई अवैध…

प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध कॉलोनियों को वैध करने के मामले (valid colonies were again invalid) में तत्कालीन शिवराज सरकार (Shivraj Government) को हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच से बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के अवैध कालोनियों को वैध करने के फैसले को पलट दिया है। दरअसल, हाई कोर्ट ने शिवराज सरकार की धारा 15-A को खत्म कर दिया है। इसी धारा के तहत ही शिवराज सरकार ने अवैध कॉलोनियों को वैध किया था। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद जितनी भी अवैध कॉलोनियों को वैध किया गया था, वो एक बार फिर अवैध हो गई हैं।

हाई कोर्ट ने धारा 15-A को खत्म करने के अलावा अवैध कॉलोनी बसने के दौरान जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई (valid colonies were again invalid) के आदेश दिए हैं। इन पर म्यूनिसिपल एक्ट की धारा 292 E के तहत कार्रवाई के लिए कहा है। इसकी जद में डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, आरआई और अवैध कॉलोनियां बसाने वाले कॉलोनाइजर आएंगे।

याचिका कर्ता और एडवोकेट उमेश बोहरे ने कहा था कि प्रदेश की शिवराज सरकार (valid colonies were again invalid) ने 2018 में अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए कई सारी योजनाओं को नियमों के विपरीत लाभ लेने की कोशिश की है। साथ ही इससे शिवराज सरकार को 25 हजार करोड़ का फायदा हुआ। याचिकाकर्ता ने तत्कालीन प्रदेश सरकार के साथ-साथ मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व सहित पांच लोगों को पार्टी बनाया था।

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इस योजना की शुरुआत मई 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराजसिंह ने ग्वालियर से ही की थी। कोर्ट ने अपने आदेश में खत्म की धारा-15 A याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में ऐसे सरकारी सर्वे नंबर पेश किए, जिन्हें नियम विरूद्ध वैध कॉलोनियों (valid colonies were again invalid) में शामिल कर दिया गया। सभी तथ्य जानने के बाद हाईकोर्ट ने शिवराज सरकार की धारा-15 A को खत्म कर दिया है।

गौरतलब है कि 8 मई 2018  को प्रदेशभर की अवैध कॉलोनियों को वैध (valid colonies were again invalid) करने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। इसकी शुरुआत ग्वालियर से की गई थी। इसके तहत ग्वालियर नगर निगम सीमा की 690 अवैध कॉलोनियों में पहले चरण में 63 अवैध कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही प्रदेश की 4624 कॉलोनियों को वैध करने का ऐलान किया था। लेकिन अब हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद यह कॉलोनियां फिर से अवैध हो गई हैं।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुछ दिनों पूर्व अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण कार्यक्रम में कहा था, “अवैध शब्द गाली जैसा है। ये मुझे चुभता है। किसी गरीब व्यक्ति ने अपनी पूंजी से प्लॉट खरीद लिया और उसे कांग्रेस (valid colonies were again invalid) की पिछली सरकारें अवैध घोषित कर गईं, लेकिन प्रदेश में अब कोई कॉलोनी अवैध नहीं रहेगी।“

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