DHFL में 1 लाख करोड़ रुपए फंसे

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क्या आपका दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में निवेश है | क्या आपने अधिक धन पाने या अपना घर बनाने की उम्मीद में DHFL में धन लगाया है ? तो अब आपके लिए एक बुरी ख़बर (1 lakh crore rupees stuck in DHFL) है | दरअसल, DHFL के अंदर सबकुछ सामान्य नहीं चल रहा है।

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उल्लेखनीय है कि कंपनी में बैंकों और दूसरी वित्तीय संस्थाओं के एक लाख करोड़ रुपए फंस (1 lakh crore rupees stuck in DHFL) गए हैं। कंपनी के 1,135 करोड़ रुपए से अधिक के भुगतान में डिफॉल्ट करने के बाद अब इस पैसे को लेकर विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं। इसका गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (एचएफसी), रियल एस्टेट, ऑटो और एमएसएमई सेक्टर पर खासा असर पड़ सकता है। यह बात ग्लोबल रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय ब्रोकिंग फर्म सीएलएसए ने अपनी रिपोर्ट में कही है।

डीएचएफएल को दिए गए 1 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में 50% पैसा बैंकों (1 lakh crore rupees stuck in DHFL) ने दिया है। शेष रकम इसे बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स से मिली है। लगभग 10% पैसा डिपॉजिट के माध्यम से आम लोगों का है। म्यूचुअल फंडों का डीएचएफएल में सीधा निवेश 5,000 करोड़ रुपए का है। इसमें 75% की कमी आ सकती है। बॉन्ड में किए गए निवेश पर बैंकों को सीधे (मार्केट- टू-मार्केट) नुकसान ही 12% का हो सकता है लेकिन लोन प्रोविजनिंग में यह नुकसान काफी बड़ा हो सकता है।

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रेटिंग एजेंसी ब्रिकवर्क करीब 58,000 करोड़ रुपए के कर्ज को डाउनग्रेड कर चुकी हैं। इसमें नॉन-कनवर्टेबल डिबेंचर (एनसीडी) में लगाए गए 29,000 करोड़ रुपए और 8,940 करोड़ रुपए की एफडी शामिल है।

डीएचएफएल के चेयरमैन कपिल वाधवान ने कहा, “कंपनी दिवालिया नहीं होने जा रही है। उसे कर्जदाताओं ने संकट (1 lakh crore rupees stuck in DHFL) से उबारने के लिए कर्ज देने के लिए आश्वस्त किया है। उनकी होल्डिंग कंपनी ने कई बिजनेस की बिक्री की है। वह 7 दिन के अंदर एनसीडी का बकाया चुका देगी। कंपनी ने सितंबर 2018 के बाद आए नकदी के संकट के बाद अब तक 35,000 करोड़ रुपए चुकाए हैं।

फरवरी में वाधवान होल्डिंग्स ने सस्ते घरों के लिए कर्ज देने वाली कंपनी आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (1 lakh crore rupees stuck in DHFL) में अपनी 70% हिस्सेदारी ब्लैकस्टोन को बेच दी थी। डीएचएफएल की आधार हाउसिंग में 9.15% हिस्सेदारी थी। उसने भी यह हिस्सेदारी बेच दी थी। अवांश फाइनेंस में 49.04% हिस्सेदारी बेचने के लिए वारबर्ग पिनकस ग्रुप के साथ सौदा किया था।

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तारीख शेयर प्राइस (रुपए)

21 मई 130

22 मई 117.55

23 मई 115.75

28 मई 115.75

31 मई 111.55

6 जून 111.55

7 जून 83.25

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