राहुल गांधी आने वाले हैं और कांग्रेस ने नहीं किया ये काम… !

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मध्यप्रदेश में सत्ता से बीते 15 वर्षों से बाहर कांग्रेस अभी भी अपने काम में पिछड़ी हुई है। कांग्रेस के नेताओं ने अपने काम को लेकर जो दावे किए थे, उसमें वे काफी पीछे हैं। कांग्रेस ने इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा से पहले अपने सभी कार्य पूरे करने का दावा किया था| इसके अंतर्गत कांग्रेस को अपना घोषणा-पत्र और उम्मीदवारों की घोषणा करनी थी, लेकिन कांग्रेस अभी इन दोनों ही कार्यों में पीछे है।

हाल ही में भोपाल में कांग्रेस घोषणा-पत्र समिति की बैठक हुई। इस बैठक को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कमलनाथ ने संबोधित किया। इस दौरान कमलनाथ ने पार्टी के बड़े नेताओं को दी गई जिम्मेदारी को लेकर समीक्षा भी की और घोषणा-पत्र में हो रही देरी को लेकर चिंता भी जताई। बैठक में कमलनाथ के साथ नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्रसिंह, सुरेश पचौरी और मीनाक्षी नटराजन सहित तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए। कमलनाथ ने कहा कि जल्द से जल्द कांग्रेस पार्टी का घोषणा-पत्र तैयार किया जाना चाहिए, ताकि जनता के बीच जाकर कांग्रेस उन्हें अपनी योजना से अवगत करा सके।

घोषणा-पत्र को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश के अलग-अलग वर्ग के लोगों का सम्मलेन भी किया था, लेकिन इसके बाद भी पार्टी का कार्य आगे नहीं बढ़ा।

योजना के अनुसार, कांग्रेस को अपना घोषणा-पत्र 15 अगस्त तक तैयार करना था| 20 अगस्त तक इसे पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने पेश किया जाना था, लेकिन अभी तक इसका काम कुछ ज्यादा आगे नहीं बढ़ा है। अभी प्रदेश के नेता मिलकर यहां के मुद्दों को घोषणा-पत्र में शामिल करेंगे, जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व इसे हरी झंडी देगा।

कुछ इसी तरह के हालत प्रत्याशियों की सूची को लेकर भी हैं। कांग्रेस का दावा था कि 31 अगस्त तक प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी जाएगी। पहली सूची में 100 नेताओं के टिकट की घोषणा होगी, लेकिन आज तक कांग्रेस ने इस सूची को लेकर कोई कदम नहीं उठाया है, वहीँ अभी भी नेताओं के फीडबैक और सर्वे का काम जारी है। ऐसे में अब देखना होगा कि अपनी चुनावी रणनीति में पिछड़ी कांग्रेस कब तक इस काम को निपटाती है।

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