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अब नहीं होगी ट्रेन लेट, ड्राइवर को मिली विशेष छूट

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भारतीय रेलवे ने ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए लोको पायलट को कुछ विशेष अनुमति दी है। भारतीय रेलवे अक्सर अपनी लेटलतीफी को लेकर चर्चा में आता रहा है। खासकर उत्तर भारत में चलने वाली ट्रेनें लगभग रोज ही 8 से 10 घंटे लेट चलती हैं, जिस वजह से यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। इस लेटलतीफी को रोकने के लिए रेलवे ने पहले भी कई प्रयास किए, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया।

अब रेलवे ने एक बार फिर ट्रेनों के समय से चलने में आने वाली परेशानियों को दूर करने के साथ-साथ परिस्थिति के अनुसार ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के लिए ड्राइवर को अधिकार देने का फैसला किया है। इस अधिकार के अंतर्गत यदि ट्रेन निर्धारित समय से लेट हो रही है तो ड्राइवर ट्रेन की स्पीड बढ़ा सकता है। समय कवर हो जाने के बाद फिर ट्रेन की स्पीड कम कर ली जाएगी। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए और ट्रेनों की लेटलतीफी रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। यदि यह तरकीब कामयाब हो जाती है तो ट्रेनों को समय से चलाने में काफी मदद मिलेगी और यात्रियों को परेशानी से निजात भी मिलेगी।

मुरादाबाद जोन में 230 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बदली जा रही है| साथ ही 23 कमजोर पुलों के स्थान पर नए पुल बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। चूंकि पटरियों की मरम्मत और पुल निर्माण के कारण कुछ दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, लिहाजा ट्रेन की स्पीड बढ़ाने का निर्देश देने के बाद कमज़ोर पुल और पटरियों की मरम्मत का काम बहुत ज़रूरी है।

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