मॉनसून सत्र में मॉब लिंचिंग बनी बहस की वजह

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संसद के मॉनसून सत्र की बुधवार को हंगामे के साथ शुरुआत हुई| लोकसभा में  बहस का यह सत्र 10 अगस्त तक चलेगा| बुधवार को विपक्षी पार्टियों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जमकर हंगामा किया| इसके बाद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अविश्वास प्रस्ताव मंजूर कर लिया| अब गुरुवार को एक और विषय के साथ संसद गूंज रहा है|

हिंसा रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी

दरअसल, देश में तेजी से बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं का मुद्दा आज संसद में गूंज रहा है| इस मामले पर गृहमंत्री के बयान के बाद फिर बवाल मच गया| मॉनसून सत्र  के दूसरे दिन गृहमंत्री राजनाथसिंह ने कहा, “भीड़ की हिंसा की सरकार कड़ी निंदा करती है| भीड़तंत्र की हिंसा वाकई चिंता की बात है| हालांकि हिंसा रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है|

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज को रोकने के लिए भी काम करना चाहिए| इस मामले में केंद्र सरकार ने 2016 में भी एक बार एडवाइजरी जारी की थी| कई बार राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं को लेकर निर्देश जारी किए गए थे|”

मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य दिलाने की मांग को लेकर वायएसआरसीपी के सांसदों ने प्रदर्शन किया|

मॉनसून सत्र में आ सकते हैं राहुल 

यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को सदन की बहस में शामिल हो सकते हैं| मॉनसून सत्र में संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि कई विपक्षी पार्टियों ने अविश्वास प्रस्ताव मूव किया है| आप से अनुरोध है कि प्रस्ताव को स्वीकार कर लीजिए| आज दूध का दूध और पानी का पानी हो ही जाए| इस पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि मैंने इसे स्वीकार कर लिया है, एक दो दिन में इस पर फैसला लिया जाएगा|

गृहमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “गृहमंत्री राजनाथसिंह का बयान संतुष्ट करने वाला नहीं था, इसलिए हमने संसद से वॉकआउट कर लिया| यह पिंग-पोंग का गेम नहीं है, जिसमें राज्य और केंद्र एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहें|”

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