तीन तलाक पर मोदी सरकार ने पास किया अध्यादेश

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तीन तलाक को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने वाले अध्यादेश को पास कर दिया है| इसके बाद यह अध्यादेश राष्ट्रपति के पास जाएगा और उनकी मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा| कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी| इस अध्यादेश में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक की तरह ही प्रावधान होंगे| इस बिल को पिछले वर्ष दिसंबर में लोकसभा में पारित कर दिया गया था| हालांकि राज्यसभा में जहां सरकार के पास संख्याबल कम है, वहां हंगामे के चलते इस बिल पर बहस भी नहीं हो पाई थी|

कैबिनेट ने उसी बिल को लेकर अध्यादेश जारी किया है, जो फिलहाल राज्यसभा में लंबित है| मोदी सरकार के इस कदम का मुस्लिम महिलाओं और तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने वाले संगठनों ने स्वागत किया है| वहीं 4 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले सरकार के इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है|

विधेयक में तीन संशोधन

विधेयक में जो तीन संशोधन किए गए हैं, उसके तहत तत्काल तीन तलाक के मामले में जमानत देने का प्रावधान किया गया है| साथ ही समझौते का रास्ता खोल दिया गया है| यही नहीं, तत्काल तीन तलाक की शिकायत करने का अधिकार पत्नी या उसके रक्त संबंधी तक सीमित कर दिया गया है|

इस बिल के तहत तुरंत तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में रखा गया| अपनी पत्नी को एक बार में तीन तलाक बोलकर तलाक देने वाले मुस्लिम पुरुष को तीन साल की जेल की सज़ा हो सकती है| इस बिल में मुस्लिम महिला को भत्ते और बच्चों की परवरिश के लिए खर्च को लेकर भी प्रावधान है| इसके तहत मौखिक, टेलिफोनिक या लिखित किसी भी रूप में एक बार में तीन तलाक को गैर-कानूनी करार दिया गया है|

तीन तलाक में तीन संशोधन

गतिरोध के कारण राज्यसभा में पेश नहीं हुआ तीन तलाक बिल

कोर्ट ने तीन तलाक़ को किया अवैध घोषित

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