मंदसौर: शिक्षक और छात्र के बीच समझौता, राहुल गांधी ने बताया शर्मनाक

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मध्यप्रदेश के मंदसौर में एक शिक्षक द्वारा छात्र नेताओं के पैर छूने का मामला सुर्ख़ियों में है| क्लासरूम के सामने नारेबाजी कर रहे एबीवीपी छात्रों को रोकने पर कार्यकर्ताओं ने शिक्षक से बदसलूकी की और उन्हें डराया–धमकाया| इसके बाद डरे शिक्षक को परिषद के नेताओं व कार्यकर्ताओं के पैर पकड़कर माफी मांगनी पड़ी| वहीं अब इस मामले को लेकर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने कॉलेज पहुंचकर एबीवीपी छात्र नेता औऱ शिक्षक के बीच समझौता करवा दिया है|

इससे पहले इस मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्विटर पर इस घटना को शर्मनाक बताया था| राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘मंदसौर में सत्ताधारी पार्टी के छात्रनेताओं द्वारा एक गुरु का अपमान| गुरुब्रह्मा, गुरुविष्णु, गुरूदेवो महेश्वर मानने वाले देश में यह कौन सा संस्कार है कि छात्र धमकी दें और गुरु उनके पांव छुए| ज्ञान के साथ यह कैसा सलूक है?”

गौरतलब है कि इस घटना का वीडियो भी काफी ज्यादा वायरल हुआ था| यह बुधवार की घटना है| दोपहर 1 बजे एबीवीपी कॉलेज में एबीवीपी कार्यकर्ता पहुंचे और नारेबाजी करने लगे| जब एकाउंट्स की क्लास ले रहे प्रोफेसर दिनेश गुप्ता ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो उन्होंने प्रोफेसर को डराया| इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उन्हें राष्ट्रद्रोही बताया और एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने लगे|

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य आरके सोहोनी को ज्ञापन दिया और प्रो.गुप्ता पर भारत माता की जय के नारे नहीं लगाने देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की| जब कार्यकर्ता भड़क गए और दबाव बढ़ता देख प्रोफेसर दिनेश गुप्ता को कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के पैर पड़कर माफी मांगनी पड़ी|

वहीं एबीवीपी के जिलाध्यक्ष ने पूरी घटना के लिए प्रोफेसर को जिम्मेदार ठहराते हुए उनका माइंड डिस्टर्ब होने की बात कही| इस भाजपा जिलाध्यक्ष ने घटना को निंदनीय बताते हुए परिषद कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने की सीख दी|

VIDEO :एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के डर से प्रोफेसर ने मांगी माफ़ी

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