आत्महत्या से बची मां की छलकी ममता

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अपने डेढ़ माह के बच्चे के साथ आत्महत्या करने पहुंची महिला ने जब आपबीती सुनाई तो सभी की आंखों से आंसू छलक गए| अब मां अपने बेटे को काबिल बनाना चाहती है और उसके भविष्य को संवारने के लिए हर मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार है|

नेपानगर में 20 वर्षीय तबस्सुम पति शेख साजिद अपने बच्चे के साथ ट्रेन की पटरी पर लेट गई थी, लेकिन किस्मत को यह मंजूर नहीं था इसलिए मां-बेटे को एक खरोंच तक नहीं आई| इसके बाद स्टेशन पर मौजूद अधिकारी तबस्सुम को बुरहानपुर में वन स्टॉप सेंटर सखी लेकर गए| यहां काउंसलिंग के बाद वह हताशा और खौफ से उबर चुकी है| उसने बताया कि वह पहले भी दो बार आत्महत्या के प्रयास कर चुकी है|

तब्बसुम ने बताया कि बचपन में उसकी मां की मौत के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली थी| सौतेली मां आए दिन मारपीट कर परेशान करती थी| एक साल पहले ही उसका निकाह मुंबई में शेख साजिद पिता मोहम्मद शाहरुख से करवा दिया| साजिद भी शराब पीकर मारपीट करता था| शराब पीकर उसने तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कहकर घर से निकाल दिया| इसके बाद महिला के पिता ने भी उसे रखने से मना कर दिया| हताश होकर तबस्सुम अपनी नानी के घर पहुंची, जहां से भी उसे निराशा ही हाथ लगी| सभी जगह से ठुकराए जाने के बाद उसने तनाव में आकर उसने आत्महत्या का कदम उठाया था|

आत्महत्या करने से पहले उसने ट्रेन में बैठी महिलाओं को अपना बेटा देने की कोशिश की, लेकिन सभी ने मना कर दिया| अब वह अपने बेटे की अच्छी परवरिश कर उसे काबिल बनाना चाहती है|

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