‘मेक इन इंडिया’ हेलीकॉप्टर बढ़ाएंगे नेवी की शान

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हिन्द महासागर में चीन की नापाक हरकतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, वहीं अपने दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए नौसेना को सौगात मिली है| भारत ने अपनी नौसेना शक्ति बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है| रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए 111 यूटिलिटी हेलीकॉप्टर खरीद को मंजूरी दी है| इनके लिए कुल खर्च 21,738 करोड़ रुपए आएगा|

रक्षा मंत्रालय ने सामरिक साझेदार मॉडल को लागू करने के लिए दिशा-निर्देश को मंजूरी दी है और यह सुनिश्चित किया है कि नेवी के लिए यह 111 यूटिलिटी हेलीकॉप्टर भारत में ही बनाए जाएंगे| रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके साथ ही कई ऐसे प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली, जो लंबे समय से लंबित थे| इससे नेवी की हेलीकॉप्टर की कमी दूर हो जाएगी साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को भी बढ़ावा मिलेगा|

इस नई रणनीति के लिए सरकार अब विदेशी हेलीकॉप्टर निर्माता और भारतीय रक्षा फर्म की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू करेगी| एसपी नीति का शुरुआती लक्ष्य चार श्रेणी के सैन्य साजो-सामान जैसे लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, पनडुब्बी और आर्मर्ड व्हीकल तैयार करना है| एसपी नीति के तहत वायु सेना के लिए 110 मध्यम लड़ाकू विमान, नौसेना के लिए 123 मल्टी रोल हेलीकॉप्टर, नौसेना के लिए 111 यूटिलिटी हेलीकॉप्टर और छह परंपरागत पनडुब्ब‍ियां देश में ही तैयार की जाएंगी| इनके साथ ही कोस्टगार्ड के लिए आठ तेज गति से चलने वाले पेट्रोल जहाज भी खरीदने को मंजूरी दी है, जिनकी लागत करीब 8 अरब रुपए हैं| इनका भी निर्माण स्वदेशी स्तर पर ही किया जाएगा|

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर देते हैं, इन्हीं को ध्यान में रखकर रक्षा मंत्रालय भी इसी तर्ज पर काम करने में लगा हुआ है|

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