मनी सेंटर के व्यापारियों को करारा झटका

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हवाबंगला रोड पर स्थित बहुचर्चित इमारत मनी सेंटर के व्यापारियों को शुक्रवार को करारा झटका लग गया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने इंदौर विकास प्राधिकरण को इन व्यापारियों की दुकानों का कब्जा लेने का आदेश दे दिया है। अब विकास प्राधिकरण कभी भी इन दुकानों को अपने कब्जे में लेने के लिए स्वतंत्र है। व्यापारियों को ये दुकानें समय रहते खाली करनी होगी।

चिकित्सा उपयोग के लिए निर्धारित प्लॉट को प्राप्त कर उस पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर दुकानें बेचने का मामला पिछले एक दशक से अधिक समय से इंदौर में चर्चित था। इस मामले में इंदौर विकास प्राधिकरण कभी कार्रवाई करने के लिए आगे आ रहा था तो कभी कानूनी अड़चनें आ रही थीं। पिछले दिनों प्राधिकरण के संचालक मंडल द्वारा इन व्यापारियों के पक्ष को चुना गया था और फिर प्लॉट की लीज़ निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद प्राधिकरण के अधिकारियों के दल ने बेदखली कोर्ट से आदेश प्राप्त किया और फिर मनी सेंटर में स्थित 54 दुकानों का कब्जा प्राप्त कर लिया था। इसके बाद ही व्यापारियों द्वारा प्राधिकरण की कार्रवाई को अवैध करार देते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।

न्यायालय द्वारा इस मामले में सुनवाई के उपरांत प्राधिकरण को इन व्यापारियों को दुकानों का कब्जा वापस देने का अंतरिम निर्देश दिया गया था। इसके बाद इस याचिका की सुनवाई चल रही थी ।आज सुबह न्यायालय द्वारा इस मामले का अंतिम रूप से निराकरण करते हुए याचिका को खारिज कर दिया गया। इसके साथ ही अब प्राधिकरण के इन दुकानों का कब्जा लेने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। संभावना है कि कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण कभी भी इन दुकानों पर कब्ज़ा लेने की कार्रवाई कर सकता है।

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