ST/SC एक्ट को लेकर सीएम शिवराज पर लगा बदसलूकी का आरोप

3

देश में चुनाव माहौल बना हुआ है| सभी पार्टियां एक से बढ़कर एक रैलियों का आयोजन कर रही है| जैसे-जैसे चुनावी समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे भाजपा सरकार की समस्याएं बढ़ती जा रही  हैं| एक तरफ़ जहां सरकार पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों के लोगों का आक्रोश झेल रही है वहीं एसटी-एससी एक्ट को लेकर भी कई समस्याएं खड़ी हो रही है| सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटकर केंद्र सरकार ने एसटी-एससी एक्ट को जो मजबूती प्रदान की थी, अब उसके चंगुल में स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान फंसते दिख रहे हैं| दरअसल, कांग्रेसी नेत्री ने सीएम शिवराज के खिलाफ बदसलूकी का आरोप लगाया है|

मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीएम प्रदेशभर में जनआशीर्वाद यात्रा निकाल रहे हैं| इसी यात्रा के कारण सीएम पर अब एक गंभीर आरोप लगा है| जानकारी के अनुसार, सीएम पर आरोप लगाया गया है कि जब उनकी यात्रा 2 सितंबर को सीधी जिले की चुरहट विधानसभा सीट पहुंची, तब वहां के नेहरु चौक पर कांग्रेसी की महिला नेता अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही थी| इससे सीएम की यात्रा में व्यवधान उत्पन्न होता देख उन्होंने आदिवासी महिला को अपशब्द और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी| मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर भी की जा चुकी है| अब सवाल यह है कि क्या सीएम की तुरंत गिरफ्तारी होगी? क्योंकि जातिसूचक शब्दों के प्रयोग पर तुरन्त गिरफ्तारी का प्रावधान है| स्पेशल कोर्ट में केस चलता है। जमानत निचली अदालत से नहीं मिलती|

एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में बाग़ी हुए भाजपा नेता

एक तरफ जहां सीएम शिवराज के खिलाफ बदसलूकी का आरोप लगाया गया है वहीं भाजपा के नेता रघुनंदन शर्मा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया| रघुनंदन शर्मा, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह के करीबी माने जाते हैं| उन्होंने एसटी-एससी एक्ट के विरोध में सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए इस्तीफा दिया और ऐलान किया कि इसके विरोध में काला क़ानून विरोधी मोर्चा के नाम से आंदोलन शुरू किया जाएगा|

Share.