4 जुलाई से शुरू होने वाली है भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

0

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा (Jagannath Rath Yatra On 4 July) देश में होने वाले सबसे बड़े धार्मिक पर्वों में से एक हैं। यह रथ यात्रा आषाढ़ माह की शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को आरम्भ होती है।  यह परंपरागत रथयात्रा केवल  भारतीयों का  नहीं बल्कि विदेशियों के भी आकर्षण का केंद्र है ( Puri Rath Yatra 2019 )। पूरे दस दिनों तक चलने वाली इस यात्रा को ‘ गुण्डीय यात्रा ‘ भी कहा जाता है। हर साल की तरह इस साल भी बड़ी संख्या में लोग इस रथयात्रा में भाग लेंगे।

विंड चाइम की आवाज़ बना सकती है आपको किस्मत का धनी

पुरी में इस यात्रा का स्वागत परम्परागत रूप से फूलों से ही किया जायेगा (Jagannath Rath Yatra On 4 July)। अहमदाबाद के सिद्धिविनायक मंदिर से निकाली जाने वाली यात्रा कुछ अलग होने वाली है। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ के स्वागत के लिए एक लाख साड़ियां बिछाई जाएंगी। भगवान जगन्नाथ का रथ इस मार्ग से जब गुजरेगा, तब रथ के आगे -आगे साड़ियां बिछाई जाएंगी।यहां पर यह यात्रा 17 किलोमीटर लम्बी होने वाली है ( Puri Rath Yatra 2019 )।

इस यात्रा के लिए रविवार को  50000 साड़ियां बिछाकर रिहर्सल  की गई । एक लाख साड़ियों को  स्वागत के बाद नव दंपतियों में प्रसाद के रूप में वितरण किया जायेगा।

कुछ दिनों पहले गणपति मंदिर में देवी अर्बुदा की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी, जिसमें भक्तों ने 10000 साड़ियां भेंट स्वरुप मंदिर को दान की थीं। चूंकि रथयात्रा के साथ माताजी की सवारी भी निकाली जाएगी, इसलिए रथयात्रा के मार्ग पर साड़ियां बिछाई जाएंगी (Jagannath Rath Yatra On 4 July)। गुजरात के डांग जिले से 150 आदिवासी नर्तकों का दल भी अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए आएगा। 50 साल पहले सिर्फ पुष्पाहार से स्वागत किया जाता था ,अब लाखों का चढ़ावा चढ़ाया जाता है ( Puri Rath Yatra 2019 )।

Solar Eclipse 2019 : ग्रहण में यह ध्यान रखें तो जीवन में होगा सकारात्मक प्रभाव

भगवान जगन्नाथ को साल में एक बार उनके गर्भ गृह से निकाल कर यात्रा कराई जाती है। पुरी रथयात्रा के लिए तीन अलग -अलग रथों का निर्माण किया जाता है। रथयात्रा में सबसे आगे बलरामजी का रथ, उसके बाद बीच में देवी सुभद्रा का रथ और सबसे पीछे भगवान जगन्नाथ श्रीकृष्ण का रथ होता है ( Puri Rath Yatra 2019 )।

कब से शुरू होगा सावन माह, पहले दिन क्या खरीदना होगा शुभ?

पुरी में बना जगन्नाथ मंदिर हिंदुओं के चार धामों में से एक है। रथ यात्रा को लेकर मान्यता है कि इस दिन रथ को खींचने में सहयोग से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। जगन्नाथ जी की यह रथ यात्रा गुंदेचा मंदिर पहुंचकर पूरी होती है।

Share.