कठघरे में आई बैटरी चलित ट्राइसिकल

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लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के शब्दबाण कई बार सरकार के कामकाज को कठघरे में  खड़ा करते नज़र आते हैं | इंदौर में हुए एक आयोजन के दौरान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगों को दी जा रही बैटरी वाली मोटराइज्ड ट्राइसिकल पर लोकसभा अध्यक्ष महाजन ने सवाल खड़े कर दिए | महाजन ने बैटरी चलित गाड़ी के रखरखाव में आ रही दिक्कतों पर अधिकारियों को ध्यान देने की सीख दी तो केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत को इस मामले में सफाई देनी पड़ी। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद पैदा हो गए|

शिविर के दौरान चली रस्साकशी

मामला उस वक़्त का है, जब रवींद्र नाट्यगृह में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए विशेष शिविर आयोजित किया| शिविर में मिनी रत्न कंपनी भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम ने कान की मशीन, व्हील चेयर, कृत्रिम हाथ-पैर के अलावा बैटरी और पेट्रोल से चलने वाली ट्राइसिकल वितरित की| इस आयोजन की मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन थीं| महाजन ने अपने भाषण के दौरान यह कहकर सभी को चौंका दिया कि दिव्यांग बताते हैं कि बैटरी चलित ट्राइसिकल के रखरखाव में परेशानी आती है, इसलिए डीजल-पेट्रोल से चलने वाली ट्राइसिकल देना चाहिए । आखिर बैटरी वाली गाड़ी में क्या दिक्कत है, विभाग के अधिकारी इसे देखें।

समारोह के बाद मीडिया ने केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत से जब इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि जानकारी का अभाव होने के कारण कुछ लोग ऐसी बात कर रहे होंगे, लेकिन बैटरी चलित गाड़ी में कोई शिकायत नहीं है। पेट्रोल वाली ट्राइसिकल में ज्यादा रखरखाव लगता है। बैटरी वाली गाड़ी में रखरखाव की कोई समस्या नहीं है। दिव्यांगों के लिए तो पेट्रोल से ज्यादा बैटरी वाली ट्राइसिकल सुविधाजनक है। इसमें न तो ड्राइविंग लाइसेंस लगता है और न दुर्घटना का डर। एक बार बैटरी चार्ज करने पर गाड़ी 60-65 किमी चल जाती है।

केंद्रीय मंत्री को देनी पड़ी सफाई

केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत को इस मामले में मीडिया के समक्ष सफाई देनी पड़ी| उन्होंने कहा कि देशभर में 6500 से अधिक ट्राइसिकल दी गई है| कोई  शिकायत नहीं आई। बैटरी वाली गाड़ी बिना आवाज चलती है, इसलिए कुछ लोग ऐसा समझते हैं कि यह सम्मानजनक स्थिति नहीं दिखती , लेकिन लोग यह नहीं समझते कि डीजल-पेट्रोल की गाड़ी के लिए लाइसेंस की जरूरत पड़ती है। बैटरी की गाड़ी सुरक्षित होने के साथ बिना खर्च की गाड़ी है और इसमें जयादा फायदा है| इधर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी अपनी बात को स्पष्ट किया और कहा कि मेरा आशय वाहन के ख़राब होने को लेकर नहीं बल्कि उसके रखरखाव को लेकर है |

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