आखिर क्यों भगवान मानते थे लोग..

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भय्यू महाराज के आकस्मिक निधन से उनके अनुयायियों को गहरा सदमा लगा है| मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में उन्हें कई लोग भगवान मानते थे| उन्होंने समाज के लिए बहुत सारे कार्य किए इसलिए लोगों ने उन्हें भगवान का दर्जा दे दिया था|

भय्यू महाराज ने समाज के लिए बहुत सारे कार्य किये, गरीब किसानों से लेकर बच्चों, कैदियों, पशु-पक्षियों तक के लिए उन्होंने कई परियोजनाएं चलाई| जानते हैं उनकी कुछ योजनाओं के बारे में-

किसानों के लिए

भय्यू महाराज किसान के बेटे थे इसलिए उन्हें किसानों के दर्द के बारे में अच्छे से मालूम था| उनके द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं से कई किसानों की जान बचाई गई| सरकार ने भी माना कि उनकी पहल के कारण महाराष्ट्र के दुष्काल पीड़ित किसानों की आत्महत्या के आंकड़ों में कमी आई| उनके द्वारा बीज वितरण, सिंचाई परियोजना, किसानों के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन शिविर, मॉडल विलेज परियोजना, तालाब गहरीकरण एवं चौड़ीकरण जैसी कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं| इससे कई किसानों की जान बची है इसलिए किसान उन्हें भगवान मानते हैं|

युवाओं एवं बच्चों के लिए 

भय्यू महाराज को बच्चों से बहुत ज्यादा लगाव था| उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा का जिम्मा उठा रखा था इसलिए उनके द्वारा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में कई स्कूल और छात्रावास चलाए जा रहे हैं| गरीब एवं विकलांग बच्चों के लिए भी पढ़ाई की उचित व्यवस्था उनके द्वारा की गई|

उन्होंने एचआईवी से पीड़ित युवाओं एवं बच्चों की रहने एवं पढ़ने की व्यवस्था करवाई| उनके कारण ही कई एचआईवी पीड़ितों को जीने की नई राह मिली| गरीब बच्चों एवं युवाओं की पढ़ाई से लेकर उन्हें रोज़गार देने तक के लिए भी सूर्योदय परिवार द्वारा कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं|

जेल में बंद कैदियों के लिए 

भय्यू महाराज ने जेल में बंद कैदियों के जीवन में अपने विचारों से परिवर्तन लाया| उन्होंने जेल में जाकर कैदियों को जीवन जीने से संबंधित अनमोल वचन सुनाए, कैदियों के परिवार का भी बीड़ा उठाया| कैदियों के बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनके परिवार के रोजगार का भी ध्यान रखा|

वेश्याओं के बच्चों को दिया पिता का नाम 

भय्यू महाराज ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पंढरपुर में रहने वाली वेश्याओं के 51 बच्चों को पिता के रूप में अपना नाम दिया था|

प्रकृति प्रेमी  

भय्यू महाराज को प्रकृति के प्रति खासा लगाव था| उन्होंने पर्यावरण बचाने के लिए कई सन्देश दिए और कई कार्य किए| पर्यावरण को हरा-भरा रखने के लिए लिए कई पौधे लगाए, सफाई के कई कार्यक्रमों का आयोजन कराया|

मॉडल विलेज परियोजना 

भय्यू महाराज द्वारा संचालित सूर्योदय आश्रम ने महाराष्ट्र के कई गांवों को मॉडल विलेज परियोजना में शामिल कर उनका नक्शा बदल दिया| गांवों में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती के साधन, किसानों के मार्गदर्शन शिविर जैसे कई कार्य किए|

पशुओं के लिए 

भय्यू महाराज को पशुओं से भी लगाव था| उन्होंने कई लावारिस पशुओं का इलाज कराया| इसके लिए जगह-जगह एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई गई| भय्यू महाराज ने समाज के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन धीरे-धीरे उनकी साख में कमी आने लगी थी| आश्रम के भारी-भरकम खर्च, पारिवारिक क्लेश और कम होती साख ने उनके आसपास नैराश्य का ऐसा जाल बुन रखा था कि वे चाहकर भी उनसे बाहर नहीं निकल पा रहे थे| आश्रम के सदस्यों का कहना है कि उनके दूसरे विवाह का फैसला उनके कई भक्तों को नहीं भाया, जिससे धीरे-धीरे उनके अनुयायियों की संख्या कम होने लगी |

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