छात्रों ने अर्धनग्न होकर मप्र सरकार की नीतियों का विरोध किया

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मप्र में कृषि शिक्षा के निजीकरण का विरोध छात्रों द्वारा किया जा रहा है। गुरुवार को इंदौर स्थित कृषि महाविद्यालय के प्रवेश द्वारा पर छात्रों ने अर्धनग्न होकर मप्र सरकार की नीतियों का विरोध किया।

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विद्यार्थियों का कहना है कि 4 साल की बीएससी एग्रीकल्चर के बाद ही कृषि महाविद्यालय में प्रवेश मिलता था, लेकिन मप्र सरकार ने प्राइवेट कॉलेज के छात्रों को पहली काउंसलिंग में रखने के साथ ही महाविद्यालय में भर्ती करने का नया नियम निकाला है। गलत नीतियों से स्नातक की डिग्री बांटी जा रही है और कृषि शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। इस नए नियम के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मप्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।

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छात्रों का कहना है कि कृषि कॉलेज के लिए आईसीएआर (इंडियन कौंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च) के नियमों का पालन होना जरूरी है लेकिन मप्र में आईसीएआर के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। प्रायवेट कॉलेज में लैब के साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं है इसके बावजूद उन्हें डिग्री दी जा रही है।

इसके पूर्व 10 जून को भी शासकीय कृषि कॉलेज के छात्रों ने वृहद बैठक आयोजित की थी । इस बैठक में तय किया गया था कि पूरे प्रकरण को लेकर वे कृषि मंत्री सचिन यादव से मिलेंगे। यदि वहां से समस्या का निदान नहीं होता है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। वहीं प्रदेश के सभी शासकीय कृषि कॉलेजों में हड़ताल प्रदर्शन जारी रहेगा।
बैठक में अंकुरण संस्था के प्रमुख राधे जाट ने कहा था कि यदि सरकार ने उनकी बातों को शांतिपूर्वक तरीके से नहीं माना तो हम लोग बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं।

तब भूतपूर्व विद्यार्थी एवं अंकुरण संस्था के सदस्य नीरज राठौर ने कृषि मंत्री सचिन यादव से मोबाइल पर बात की थी। कृषि मंत्री यादव ने कहा था कि मध्यप्रदेश में निजी एग्रीकल्चर कॉलेज खोलने में उन्होंने कोई सहयोग नहीं किया था। ये सारे कॉलेज बीजेपी सरकार में ओपन हुए थे। उन्होंने कहा कि यदि आपकी समस्या गंभीर है तो आप लोग तत्काल मुझसे भोपाल आकर मिलें।

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दरअसल, कृषि कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए निजी और प्रायवेट सेक्टर के अलग-अलग नियमों के फेर में उलझे छात्र अब विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। भूतपूर्व छात्र नीरज कुमार राठौर ने बताया कि हमारे यहां शासकीय कृषि कॉलेज और प्रायवेट कृषि कॉलेजों में एडमिशन के लिए अलग-अलग नियम बने हुए हैं। जिसके चलते छात्रों का नुकसान हो रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर आज छात्रों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया |

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